क्या है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना? कब शुरू हुआ, ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें?

भारत सरकार शहरों के साथ-साथ गांवों के विकास के लिए भी प्रयासरत है
क्या है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना? कब शुरू हुआ, ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें?
क्या है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना? कब शुरू हुआ, ऑनलाइन शिकायत कैसे दर्ज करें?

भारत सरकार शहरों के साथ-साथ गांवों के विकास के लिए भी प्रयासरत है। देश के आर्थिक विकास के लिए हमारे ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी और पहुंचा होना आवश्यक है। ग्रामीण सड़कों का विकास सरकार के लिए प्रमुख विषय है। सड़क किसी भी देश के लिए महत्वपूर्ण है। देश के सभी गांवों में पक्की सड़क का निर्माण ही योजना का मुख्य उद्देश्य है। ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाजनक चीजों में सड़क का अच्छा होना सबसे जरूरी है। 25 दिसंबर, 2000 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की। भारत के असंबद्ध बस्तियों को जोड़ने के लिए सरकार का यह एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस योजना की देख-रेख देश के अलग-अलग ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं राज्य सरकारों द्वारा की जा रही है। 2019 तक इस योजना के दो चरण आ चुके हैं। योजना के तहत 1,53,491 ग्रामीण सड़कों का कार्य 2019 तक किया जा चूका है। लगभग 97 प्रतिशत ग्रामीण बस्तियों को जोड़ने का काम किया जा चुका है। प्लास्टिक तथा कोल्ड मिक्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर के 26,063 किलोमीटर सड़क का निर्माण दोनों चरणों के अनुसार किया जा चुका है। नई दिल्ली में 18 दिसंबर, 2019 को इस योजना के तीसरे चरण का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा किया गया है। तीसरे चरण के अनुसार देश के जितने ग्रामीण क्षेत्र अब तक वंचित हैं, वहां सड़क का निर्माण कराया जाएगा।

योजना का उद्देश्य और लाभ

योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य है देश के गांवों को शहरों से पक्की सड़कों द्वारा जोड़ना। इस योजना के अंतर्गत हर मौसम में उपयोग की जा सकने वाली सड़कों का निर्माण करना है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को आने-जाने में परेशानी ना हो और क्षेत्र में विकास की प्रबल संभावना हो। इस योजना का लाभ मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ही होगा। पुराने सड़कों की मरम्मत भी इस योजना के अंतर्गत की जा सकती है। योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन भी होगा। सड़कों के अलावा पुल का भी निर्माण क्षेत्रों में किया जाएगा। पूर्वोत्तर राज्यों में 200 मीटर तक लंबे पुल व मैदानी क्षेत्रों में 150 मीटर तक लंबे पुल का निर्माण होगा। गांव जब शहरों से जुड़ेंगे तब ग्रामीणों को कृषि बाजार, अस्पताल, विद्यालय, कालेज तक पहुंचने में आसानी होगी और समय की भी बचत होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के माध्यम से बनी सड़कों का रखरखाव 5 वर्षों तक इसी योजना के माध्यम से की जाएगी। इस योजना के माध्यम से लक्ष्य को निर्धारित कर ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही जो ग्रामीण सड़के क्षतिग्रस्त हो गई है उनका पुनर्निर्माण किया जाएगा। गाँवो का शहरों व जिलों से जुड़ने पर ग्रामीण कृषि बाजार, उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा अस्पतालों तक आसानी से पहुँच पाएंगे। तथा योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में बनी सड़कों का रखरखाव 5 वर्षों तक इसी योजना की मदत से किया जाएगा।

योजना की खास बातें

इस योजना के तहत बनने वाली सड़क एक एजेंसी बनवाएगी जिसका नाम एनआरडीए रखा गया है। इसका पूरा नाम राष्ट्रीय सड़क विकास एजेंसी है। यह एजेंसी देश भर में बन‌ रहे सड़क के निर्माण की देखभाल तथा रखरखाव करेगी। इस योजना से बन रहे सड़क के निर्माण और देखभाल पर होने वाले खर्च की जानकारी भी एजेंसी को ही रखना होगा। इस योजना के अंतर्गत 6 साल से कम पुरानी सड़क का मरम्मत किया जाएगा और 6 साल से पुरानी सड़क पर नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। योजना के अंतर्गत सब्सिडी वाले रास्ते, नए रोड, सब नेटवर्क के रास्ते जल्दी से बनाए जाएंगे। योजना के अंतर्गत रेलवे क्रासिंग और ओवर ब्रिज भी बनाए जाएंगे। योजना को पूरा करने के लिए 48,000 करोड़ रुपए निवेश की आवश्यकता है। योजना के तहत 3.71 लाख किलोमीटर बारहमासी सड़क का निर्माण किया जाएगा। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में जुलाई, 2008 तक 81,717 करोड़ रुपए के प्रस्तावित परियोजना को मंजूरी मिली है। योजना के लिए कुल 38,999 करोड़ रुपए जारी किए गए जिनसे कुल 86,146 सड़कों का निर्माण किया गया।

कैसे जुड़े योजना से?

पीएम सड़क ग्रामीण योजना की जानकारी लोगों तक पहुँचाने के उद्देश्य से एप्लीकेशन को बनाया गया है। इसके अलावा एप्लीकेशन के द्वारा लोगों को इसके बारे में जागरूक करना, किसी भी गांव में कितनी सड़के बानी है, कितने सड़क निर्माण हुए है, या कितना निर्माणाधीन है। इसके अलावा आम नागरिक इस पोर्टल और इस एप्लीकेशन माध्यम से आप फीडबैक भी दे सकते है कि किस गांव की सड़क कैसा है, किस गांव की सड़क कितनी सही और खराब है। इस एप्लीकेशन को हर कोई आम नागरिक आसानी से इस्तेमाल कर सकते है। इस एप्लीकेशन को आसानी से इस्तेमाल और मैनेज किया जा सकता है। इस एप्लीकेशन को अपने मोबाइल में इंस्टॉल करने के लिए आप इन आसान प्रोसेस को फॉलो कर सकते है। इस योजना के अंतर्गत सड़क बनाने से लेकर उसके मैनेजमेंट तक एक नए पोर्टल की शुरुआत की है। इस पोर्टल का नाम OMMAS यानी Online management monitoring and account system है। यह एक ऑनलाइन पोर्टल है और इस पोर्टल के माध्यम से जानकारी और रिपोर्ट भी प्राप्त कर सकते है। मेरी सड़क को मोबाइल एप्लीकेशन को मोबाइल में इनस्टॉल कर सकते है। एप्लीकेशन को इनस्टॉल करने के लिए मेरी सड़क एप्लीकेशन इनस्टॉल करने के लिए सबसे पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की वेबसाइट पर जाना होगा। फिर होम पेज पर आने के बाद Download Mobile App to post your feedback on the move विकल्प पर क्लिक करना होगा। क्लिक करने के बाद गूगल प्ले स्टोर में रिडाइरेक्ट हो जाएंगे। उसके बाद गूगल प्ले स्टोर में एप्लीकेशन को इनस्टॉल करने के लिए मेरी सड़क के नाम से एक एप्लीकेशन दिखाई देगा। यहाँ पर एप्लीकेशन पर क्लिक करके मोबाइल में मेरी सड़क एप्लीकेशन इनस्टॉल हो जाएगा। एप्लीकेशन इनस्टॉल होने के बाद इस से संबंधित सभी जानकारियां यहाँ पर प्राप्त कर सकते है। इसके अलावा यहाँ पर अपना फीडबैक भी दे सकते है।

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