बुढ़ापे के सहारे की तरह है प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना ! 60 साल की उम्र के बाद मिलेगा पेंशन।
बुढ़ापे के सहारे की तरह है प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना ! 60 साल की उम्र के बाद मिलेगा पेंशन। बुढ़ापे के सहारे की तरह है प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना ! 60 साल की उम्र के बाद मिलेगा पेंशन।

बुढ़ापे के सहारे की तरह है प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना ! 60 साल की उम्र के बाद मिलेगा पेंशन।

बुढ़ापे के सहारे की तरह है प्रधानमंत्री श्रमयोगी मान-धन योजना ! 60 साल की उम्र के बाद मिलेगा पेंशन।

केंद्र सरकार देश के गरीबों और किसानों के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं के द्वारा ज़रूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। असंगठित क्षेत्र के कामगारों को कई आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जिसमें उनकी सहायता करने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना का शुभारंभ किया। योजना के माध्यम से उन सभी असंगठित क्षेत्र के कामगारों को पेंशन प्रदान की जाएगी जिनकी मासिक आय 15,000 या उससे कम है।

इस योजना को आरंभ करने की घोषणा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के द्वारा 1 फरवरी, 2019 को की गई थी। पीएम श्रम योगी मान-धन योजना असंगठित क्षेत्रों के श्रमिक जैसे कि ड्राइवर, खिशा चालक, मोची, दर्जी, मज़दूर, घरों में काम करने वाले, भट्टा कर्मकार आदि द्वारा प्राप्त किया जा सकता है। अब तक 46 लाख से ज़्यादा लोग इस स्कीम के तहत एनरॉल कर चुके है। इस स्कीम की खास बात है कि इसमें सरकार भी कॉन्ट्रीब्यूशन देती है।

यानी जितने रूपए जमा होंगे उतना ही सरकार भी अपनी तरफ से जमा करती है। भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत आने वाले सामाजिक सुरक्षा संगठन श्रम कल्याण महा निदेशालय (DGLW) ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से इस बारे में जानकारी देते हुए यह लिखा कि "सुरक्षित वृद्धावस्था एवं सम्मानजनक जीवन के लिए आज ही प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन पेंशन योजना से जुड़े और 60 साल की उम्र के बाद हर महीने 3000 रूपए प्राप्त करें।"

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क्या है पीएम श्रम योगी मान-धन योजना?

प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना को 15 फरवरी, 2019 को लागू किया गया। इस योजना के तहत लाभार्थियों को 60 साल की उम्र के बाद 3,000 रूपए की पेंशन धनराशि हर महीने दी जाएगी। योजना के अंतर्गत आवेदन करने वाले लाभार्थियों की आयु 18 साल से 40 साल के बीच होनी चाहिए। इस योजना का लाभ सरकारी कर्मचारी भविष्य निधि (EFP), नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) तथा राज्य कर्मचारी बीमा निगम (ESIC) के सदस्य नहीं उठा सकते है। इस योजना में शामिल होने वाले श्रम योगी आयकर दाता नहीं होने चाहिए।

अगर आप इनकम टैक्स देते है तो इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर सकते। इसमें आवेदन करने के लिए मोबाइल फ़ोन, आधार नंबर और बैंक बचत खाता होना अनिवार्य है। सरकार द्वारा "डोनेट ए पेंशन" कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम की पहल प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना के अंतर्गत की गई है। इस योजना के अंतर्गत नागरिक घरेलू कामगार, ड्राइवरों और सहायक कर्मचारियों के प्रीमियम अंशदान में अपना योगदान कर सकता है। इस बात की जानकारी श्रम और रोज़गार मंत्री भूपेंद्र यादव द्वारा प्रदान की गई है। आयु के आधार पर प्रत्येक वर्ष न्यूनतम 660 से 2,000 रूपए तक जमा कराए जा सकते हैं। 60 साल की उम्र होने के बाद प्रतिमाह 3,000 की न्यूनतम पेंशन योजन के अंतर्गत प्रदान की जाती है।

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योजना का उद्देश्य और महत्त्व

इस योजना का मुख्य उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में सहारा देना है। ताकि असंगठित क्षेत्र के मजदूर वर्ग भी 60 साल की उम्र पार करने पर अपना जीवन यापन अच्छे से कर सके। वह अपने बुढ़ापे को स्वाभिमान के साथ जी सके और किसी दूसरे पर निर्भर न रहना पड़े। पेंशन से प्राप्त राशि का प्रयोग वह अपने खाने, पीने, कपडे, दवाई आदि की ज़रूरत को पूरा करने में कर सकते है। PMSYM योजना के ज़रिए भारत सरकार श्रम योगियों को आत्मनिर्भर तथा सशक्त बनाना चाहती है।

भारत सरकार सभी गरीबों तथा मजदूर श्रमिकों को अपनी सरकारी योजनाओं के ज़रिए लाभ पहुंचना तथा आर्थिक रूप से मदत करना चाहती है। अगर किसी लाभार्थी की मृत्यु पेंशन की प्राप्ति की अवधि में हो जाती है तो उस स्थिति में लाभार्थी के पति या पत्नी को पेंशन का 50% हिस्सा प्रदान किया जाएगा। योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए भारतीय जीवन बीमा निगम एक नोडल एजेंसी की तरह कार्य करेगा। लाभार्थी द्वारा मासिक प्रीमियम भी LIC कार्यालय में जमा कराया जाएगा तथा योजना के पूर्ण होने पर लाभार्थी को मासिक पेंशन भी LIC द्वारा ही प्रदान किए जाएंगे। यह मासिक पेंशन लाभार्थी के खाते में सीधा बैंक ट्रांसफर के माध्यम से स्थानांतरित की जाएगी। आकड़ों के मुताबिक 6 मई तक करीब 64.5 लाख लोग इसमें अपना पंजीकरण कर चुके है।

पीएम श्रम योगी मान-धन योजना से जुड़ना काफी आसान है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड और सेविंग बैंक अकाउंट होना ज़रूरी है। प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खोले गए सभी खाते इस स्कीम के लिए मान्य है। नज़दीकी सी.एस.सी सेंटर पर जाकर अकाउंट के साथ आई.एफ.एस.सी की जानकारी देते हुए अप्लाई करना होगा। प्रोसेस कंप्लीट होने के बाद सी.एस.सी से ही आपको श्रमयोगी पेंशन अकाउंट नंबर और श्रम योगी कार्ड मिल जाएगा। योजना से जुड़ने के लिए लाभार्थियों का आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है।

PMSYM योजना के अंतर्गत आवेदन करने के बाद आवेदक को मासिक तौर पर प्रीमियम देना होगा। 18 साल की उम्र के श्रमयोगियो को प्रतिमाह 55 रूपए की धनराशि का प्रीमियम जमा करना होगा तथा 29 साल की आयु वालों को प्रतिमाह 100 रूपए और 40 साल की उम्र वालों को 200 रूपए जमा करना होगा। योजना के तहत आवेदन करने के लिए अपने नज़दीकी जनसेवा केंद्र तथा डिजिटल सेवा केंद्र में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते है। रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बैंक खाता पास बुक और आधार कार्ड साथ लेकर जाए।

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