Atal Bhujal Yojana (ABY)

भारत के कई सारे क्षेत्रों में भूजल का स्तर लगातार कम हो रहा है
Atal Bhujal Yojana (ABY)
Atal Bhujal Yojana (ABY)

भारत के कई सारे क्षेत्रों में भूजल का स्तर लगातार कम हो रहा है जिस वजह से वहां के लोगों को पानी की समस्या हो सकती है। इस समस्या का हल लाने के लिए मोदी सरकार ने अटल भूजल योजना प्रारम्भ की जो हमारे पूर्व मुख्यमंत्री के नाम से रखी गयी है। भारत के जिन राज्यों का भूजल स्तर काफी कम हो गया है उन में इस योजना के तहत भूजल स्तर बढ़ाया जाएगा। इस योजना से किसानों को खेती करने के लिए पर्याप्त जलस्थिरता मिल सकेगा और उनको खेती करने में आसानी होगी। इस योजना के अंतर्गत जल जीवन मिशन के लिए बेहतर सोत्र स्थिरता, किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य में सकारात्मक योगदान और जल उपयोग की सुविधा के लिए समुदाय के व्यवहार में बदलाव लाने की परिकल्पना की गई है। अटल भूजल योजना के लिए सरकार द्वारा 6,000 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। जिसमें से 3,000 करोड़ रूपए विश्व बैंक से ऋण के रूप में प्राप्त किए जाएंगे एवं 3,000 करोड़ रूपए का भारत सरकार योगदान देगी। राज्य को सहायता अनुदान के रूप में इस योजना के अंतर्गत राशि प्रदान की जाएगी। अटल भूजल योजना का संचालन हरियाणा, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की 8,353 जल संकट ग्रस्त ग्राम पंचायत किया जाएगा। भारतीय संविधान के अंतर्गत जल से संबंधित मामलों को राज्य सूची में रखा गया है। इसका अर्थ है कि इस विषय पर राज्य विधानमंडल कानून बना सकते है। सर्वोच्च न्यायालय और विभिन्न उच्च न्यायालयों ने जल को प्राप्त करने के मुल-भुत अधिकार को संविधान के अनुछेद 21 के तहत जीवन के अधिकार के अंग के रूप में उल्लेखित किया है। जल प्रबंधन में बेहतर प्रदर्शन करने में ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रधानमंत्री ने कहा कि अटल जल योजना में एक प्रावधान किया गया है जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाली ग्राम पंचायतों को अधिक आवंटन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 70 सालों में 18 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से केवल 3 करोड़ के पास पाइप जलापूर्ति की सुविधा पहुंच पाई है। अब हमारी सरकार ने पाइपों के ज़रिए अगले 5 सालों में 15 करोड़ घरों में स्वच्छ पानी की सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

क्या है अटल भूजल योजना?

देश के ऐसे क्षेत्र जहाँ ग्राउंड लेवल वाटर की स्थिति चिंताजनक है वहां भूजल स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से अटल भूजल योजना शुरू की गई है। इस योजना के अहम लक्ष्य भूजल स्तर में वृद्धि करना है। इसके अतिरिक्त इस योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक लाभ पहुंचाना है। सरकार प्रत्येक किसान के लिए आवश्यक जल भंडारण के लिए योजना प्रस्तुत करेगी। इस स्कीम में देश के सात राज्यों के 8,350 गांवों को जोड़ा जाना है। जहाँ ग्राउंड लेवल वाटर को बचाने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम में भी चलाएं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात में अटल भूजल योजना के पहले चरण के तहत कार्य किया जाएगा जिनमें देश के सात राज्यों में भूजल की स्थिति को सुधारने के व्यापक प्रयास किए जाएंगे। आम लोगों को इस योजना का सहभागी बनाकर ग्राम पंचायत स्तर से कार्य की शुरुआत होगी। इस योजना को घर-घर स्वच्छ जल की उपलब्धता के कार्यक्रम की पूर्व कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। इस योजना का लक्ष्य देश के उन इलाकों में भूजल के स्तर को ऊपर उठाने का है जिन इलाकों में भूजल का स्तर काफी नीचे चला गया है। योजना का उद्देश्य भूजल की मात्रा में इजाफा करना है। साथ ही किसानों को फायदा पहुंचने के उद्देश्य से भी यह योजना केंद्र सरकार की ओर से लाई गई है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार किसानों को खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में जल भंडारण सुनिश्चित कराना चाहती है। साथ ही सरकार का कहना है कि इस योजना के ज़रिए किसानों की आय दोगुनी करने में भी मदत मिलेगी। केंद्र सरकार द्वारा साल 2016-17 के बजट में राष्ट्रीय भूजल प्रबंधन सुधार योजना की घोषणा की गई थी। मगर बाद में व्यय समिति के सुक्षाव पर इसे बंद कर दिया गया था। 25 दिसंबर को अटल भूजल योजना के नाम के साथ इसे 2019 में फिर से शुरू किया गया। जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय विभाग के अधीन इसका क्रियान्वयन किया जाना है।

योजना का लाभ और उद्देश्य

अटल भूजल योजना का लाभ छह राज्यों को मिलेगा। इस योजना में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र शामिल है। सरकार के मुताबिक इस योजना से 8,350 गांवों को लाभ मिलेगा। इस योजना से आम लोगों की भागीदारी के द्वारा जल मिशन के लिए संसाधनों की निरंतरता बानी रहेगी साथ ही सरकार के किसानों को दोगुनी आय की संकल्पना को भी मज़बूती मिलेगी। इससे भूजल स्तर एवं प्रबंधन को प्रोत्साहन मिलेगा तथा उन्नत कृषि तकनीकों तथा परिष्कृत जल उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। हाल के दिनों में जल संसाधन मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक साल 1951 में जहाँ हर व्यक्ति जल उपलब्धता 5,177 घन मीटर थी जो साल 2011 आते-आते 1,545 घन मीटर रह गई। इस योजना का मुख्य उद्देश्य चुनिंदा राज्यों के जल संकट ग्रस्त क्षेत्रों में भूजल संसाधनों के प्रबंधन में सुधार करना है। अटल भूजल योजना के माध्यम से भूजल के स्तर में सुधार आ सकेगा जिससे की पानी की समस्या का निराकरण होगा। इस उद्देश्य को विभिन्न चल रही या नई केंद्रीय और राज्य योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से समुदाय के नेतृत्व में उचित निवेश प्रबंधन या कार्य को लागू कर के प्राप्त किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक तक जल उपलब्ध हो सकेगा जिससे देश के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार आएगा। इसके अलावा यह योजना देश के नागरिकों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में भी कारगर साबित होगी। इस योजना में भूजल का स्तर रोकने के साथ पानी का सही इस्तेमाल करने का भी अभियान शुरू किया जाएगा जिससे पानी की अनावश्यक खपत को रोका जा सके। इस मुहिम से भूजल संबंधित प्रबंधन और साथ ही व्यावहारिक बदलाव लाना भी है जिससे लोग इस योजना को मुमकिन बना सके। 2013 से भूजल प्रबंधन और विनियमन योजना है। जिसके तहत भूजल स्त्रोत और पानी को बचाया जा सके। लेकिन मोदी सरकार ने इस नई योजना के लिए संघ और बजट बनाया जिससे प्रदर्शन अच्छा किया जा सके। नरेंद्र मोदी ने सभी ऐसे गांवों में जहाँ भूजल स्तर नीचे जा रहा है, लोगों से जल निधि का अनुरोध किया ताकि सभी मिल कर पानी बचा सके। इतना ही नहीं उन्होंने किसानों को जल बजट बनाने का भी अनुरोध किया जिससे पता चले की उन्हें फसल के लिए कितना पानी चाहिए। उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि अगर भूजल स्तर नीचे है तो उन्हें वही फसल बोनी चाहिए जिसमें पानी की खपत कम होगी, मोदी सरकार ने टेक्नोलॉजी क्षेत्र में भी संशोधन की मांग की है जिससे कम पानी में भी फसल की सिंचाई की जा सके।

भारत सरकार ने भूजल की समस्या से निपटने के लिए विश्व बैंक की सहायता से इसे भारत के छह राज्यों में लागू करने की शुरुआत कर दी है। जिसमें सात राज्य शामिल है। यह ऐसे क्षेत्र है जहां भूमिगत जल की समस्या बढ़ती जा रही है। केंद्र सरकार की योजना से इन राज्यों के 8,350 गांवों को लाभ मिलेगा, सरकार द्वारा जल सुधार हेतु जागरूकता अभियान भी चलाए जाएंगे। भारत में भूजल एक बहुत ही बड़ी समस्या है और स्थितियों को देखते हुए भारत सरकार का यह एक सराहनीय कदम है। योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले अटल भूजल योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। होम पेज पर जा कर "आवेदन करें" के विकल्प करना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर एक नया पेज खुल जाएगा जिस पर महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों को अपलोड करना होगा। इसके बाद सब्मिट के विकल्प पर क्लिक करना होगा जिसके बाद योजना में आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। योजना का मोबाइल एप डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले अटल भूजल योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां होम पेज पर जा कर अटल भूजल एप के डाउनलोड के विकल्प पर क्लिक करना होगा। उसके बाद डिवाइस में एक APX डाउनलोड होगा। डाउनलोड होने के बाद इसे इनस्टॉल करना होगा और एप को डाउनलोड करने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

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