ईपीएफ की निकासी: बिना किसी दस्तावेज के तत्काल 1 लाख रुपये कैसे प्राप्त कर सकते हैं? जानिए

इस संचित राशि को सेवानिवृत्ति या इस्तीफे की स्थिति में निकाला जा सकता है। हालांकि, कई लोगों के लिए कठिन समय को देखते हुए, ईपीएफओ ने अब कर्मचारियों को आपातकाल परिस्थिति में भी राशि का एक हिस्सा निकालने का विकल्प दे दिया है।
ईपीएफ की निकासी: बिना किसी दस्तावेज के तत्काल 1 लाख रुपये कैसे प्राप्त कर सकते हैं? जानिए

कर्मचारी भविष्य निधि अंग्रेज़ी में कहें तो Employees' Provident Fund (EPF), भारतीय सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक योजना है। इस योजना में सरकार नौकरी देने वालों और नौकरी करने वालों दोनों से थोड़ा-थोड़ा योगदान लेती है, बाद में कर्मचारी के पास वह राशि बड़ी बचत के रूप में सामने आती है। इसमें नियोक्ता और कर्मचारी दोनों हर महीने कर्मचारी की मूल वेतन का 10% योगदान करते हैं।

इस संचित राशि को सेवानिवृत्ति या इस्तीफे की स्थिति में निकाला जा सकता है। हालांकि, कई लोगों के लिए कठिन समय को देखते हुए, ईपीएफओ (Employees' Provident Fund Organisation) ने अब कर्मचारियों को इन आपातकालीन परिस्थितयों में राशि का एक हिस्सा निकालने का विकल्प उपलब्ध करा दिया है।

“जान को हानि पहुंचाने वाली बीमारी होने पर, कई बार रोगी को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती होना अनिवार्य हो जाता है और ऐसी स्थिति में अस्पताल में खर्च का अनुमान लगाना संभव नहीं होता है। ईपीएफओ ने कहा कि अस्पताल में ऐसे गंभीर रोगी के उपचार के लिए बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता महसूस की जाती है। कर्मचारियों के परिवार के सदस्य भी संबंधित अस्पताल में होने वाले अनुमानित खर्च का प्रबंध करने में सक्षम नहीं होते हैं.

कभी-कभी ऐसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है जहां कोई बीमार कर्मचारी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हो जाता है और उसे होने वाले खर्च का कोई अनुमान नहीं होता है। काफी विषम परिस्थिति होती है जब एक मरीज को निजी अस्पताल के ICU वार्ड में भर्ती कराया जाता है। सक्षम प्राधिकारी इसे एक उपयुक्त मामला मानता है और चिकित्सा में खर्च के बिलों की प्रतिपूर्ति के नियमों में छूट प्रदान करने के लिए नीचे बताई गई राशि एडवांस के रूप में दी जा सकती है।

इसके लिए, कर्मचारी को अस्पताल और रोगी के विवरण के साथ बिना अनुमान के उससे या परिवार के किसी सदस्य से अनुरोध पत्र जमा करने के लिए कहा जाता है।

औपचारिकता या आवश्यक दस्तावेजों में छूट के साथ प्राधिकरण द्वारा 1 लाख रुपये तक का एकमुश्त चिकित्सा अग्रिम आसानी से दिया जा सकता है। कर्मचारी की स्थिति को देखते हुए यह राशि तुरंत उसी कार्य दिवस पर दे दी जाती है। संबंधित कार्यालय के प्रभारी अधिकारी (ACC-ASD for Head Office) को यह सुनिश्चित करता है कि चिकित्सा के लिए यह एडवांस पेमेंट आवेदन प्राप्ति के अगले कार्यदिवस तक प्रदान कर दी जाये।

यदि राशि 1 लाख रुपये से अधिक है, तो प्राधिकरण अतिरिक्त राशि को नियमानुसार आगे बढ़ा देता है। चिकित्सा अग्रिम राशि या तो कर्मचारी के वेतन खाते में जमा की जाएगी या सीधे अस्पताल को भुगतान की जाएगी। कर्मचारी को डिस्चार्ज होने के 45 दिनों के भीतर बिल जमा करने होते हैं और बिल की राशि को अंतिम बिल से समायोजित किया जाता है।

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