SBI में खाता है? मात्र 342 रुपए में 4 लाख रुपए का ज़बरदस्त मुनाफ़ा पाइए

भारतीय स्टेट बैंक (SBI), सार्वजनिक क्षेत्र का देश का सबसे बड़ा बैंक है. हाल ही ट्विटर को माध्यम बनाते हुए SBI ने दो बड़ी योजनाओं की घोषणा की है।
SBI में खाता है?  मात्र 342 रुपए में 4 लाख रुपए का ज़बरदस्त मुनाफ़ा पाइए

कोरोना वायरस महामारी के बाद आम लोगों में बीमा को लेकर समझ बढ़ी है। सरकार समाज के हर वर्ग तक पहुंचने के लिए बहुत कम पैसे में बीमा की सुविधा भी प्रदान कर रही है। इसी क्रम में सरकारी योजनाएं हैं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), जो आपको 4 लाख रुपये तक का कवर दे रही हैं। खास बात यह है कि इसके लिए आपको सिर्फ 342 रुपये देने होंगे।

देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए इन दोनों योजनाओं की जानकारी दी है।

एसबीआई ने ट्वीट किया, "अपनी जरूरत के हिसाब से बीमा कराएं और चिंता मुक्त जीवन जिएं।"

बैंक ने यह भी बताया कि ऑटो-डेबिट सुविधा के माध्यम से खाताधारक के बचत बैंक खाते से प्रीमियम की कटौती की जाएगी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमित व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु या पूरी तरह से विकलांग होने पर 2 लाख रुपये का मुआवजा मिलता है। इस योजना के तहत, यदि बीमित व्यक्ति आंशिक रूप से या स्थायी रूप से विकलांग हो जाता है, तो उसे 1 लाख रुपये का कवर मिलता है। इसमें 18 से 70 साल की उम्र का कोई भी व्यक्ति कवर ले सकता है। इस प्लान का सालाना प्रीमियम भी सिर्फ 12 रुपये है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर नॉमिनी को 2 लाख रुपये मिलते हैं। इस योजना का लाभ 18 से 50 वर्ष तक का कोई भी व्यक्ति ले सकता है। इस योजना के लिए भी आपको केवल 330 रुपये वार्षिक प्रीमियम देना होगा। आपको बता दें कि ये दोनों टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी हैं। यह बीमा एक साल के लिए होता है।

यह भी ध्यान दें कि यह बीमा कवर 1 जून से 31 मई तक है। इसके लिए आपके पास बैंक अकाउंट होना जरूरी है। प्रीमियम कटौती के समय बैंक खाता बंद होने या खाते में अपर्याप्त शेष राशि के कारण भी बीमा रद्द किया जा सकता है। इसलिए बीमा लेने से पहले सारी जानकारी ले लें।

समाधान

No stories found.

रोचक जानकारी

No stories found.

कहानी सफलता की

No stories found.

सरकारी योजना

No stories found.
Pratinidhi Manthan
www.pratinidhimanthan.com