Shramev Jayate Yojana

इस योजना का मुख्य उद्देश्य श्रम कानूनों में सुधार
Shramev Jayate Yojana
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अक्टूबर, 2014 को दिल्ली में विज्ञानं भवन में आयोजित एक समारोह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शमेव जयते योजना का शुभारंभ किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य श्रम कानूनों में सुधार और श्रम प्रक्रिया में सुधार करना है। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कर्मचारियों के लिए श्रम सुविधा पोर्टल और नई श्रम निरीक्षण योजना की भी शुरुआत की। श्रम सुविधा पोर्टल पर सभी श्रम कानूनों से संबंधित जानकारी दी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "हमें श्रमिकों की समस्याओं को श्रमिकों की आंख से देखना होगा ना की उद्योगपतियों की आंख से" उन्होंने कहा कि "आज देश के पास नौजवानों की बहुत बड़ी फौज है।" आईटीआई का पक्ष लेते हुए पीएम मोदी ने कहा "आईटीआई तकनीकी शिक्षा का शिशु मंदिर है। इसे लेकर हीन भावना क्यों है?" फिर कहा कि "आईटीआई के होनहार छात्रों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। कागज़ी पढाई में पिछड़ने वालो को आईटीआई में दाखिला मिलना चाहिए।" पीएम मोदी ने कहा कि "सरकार गरीबों के पीएफ में पड़े 27 हज़ार करोड़ रूपए वापस लौटाएगी। इससे पहले देश में औद्योगिक विकास के अनुकूल माहौल तैयार करने के साथ-साथ श्रम क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएफ ग्राहकों के लिए यूनिवर्सल काउंट नंबर समेत कई योजनाओं का शुभारंभ किया। पीएम ने दक्षता विकास व श्रम सुधारों से संबंधित दीनदयाल उपाध्याय "श्रमेव जयते कार्यक्रम" की शुरुआत की। इसके अलावा उन्होंने अखिल भारतीय कौशल विकास प्रतियोगिता के विजेताओं की स्मारिका और वोकेशनल ट्रेनिंग के ब्रांड एंबेसडरों की एक पुस्तिका जारी की। इस मोके पर "एप्रेटिंस प्रोत्साहन योजना" की भी शुरुआत की गई।

क्या है श्रमेव जयते योजना?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 अक्टूबर, 2014 को दिल्ली के विज्ञानं भवन में आयोजित एक समारोह में पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते योजना का शुभारंभ किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य श्रम कानूनों में सुधार करना और विशेष प्रक्रियाओं में सुधार करना हैं। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कर्मचारियों के लिए एक "श्रम सुविधा" पोर्टल और एक नई "श्रम निरीक्षण योजना" भी शुरू की। सभी श्रम कानूनों से संबंधित जानकारी "श्रम सुविधा" पोर्टल पर दी जाएगी। पीएम ने इस योजना के साथ-साथ श्रम सुविधा पोर्टल, श्रम विज्ञानं कार्यक्रम और भविष्य निधि जमा करने वाले कर्मचारियों के लिए एक समान खाता योजना भी शुरू की। इस योजना का उद्देश्य श्रमिकों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सरकारी सहायता का विस्तार करना है। उम्मीदवारों को भारत सरकार के तहत सभी योजनाओं के उद्देश्यों और लाभों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए "मेक इन इंडिया" अभियान का समर्थन करने के लिए श्रमेव जयते योजना शुरू की गई। भारत सरकार ने श्रमेव जयते योजना के तहत कई पहल की। देश में कुल 44 श्रम कानून हैं जिनमें 16 केंद्र सरकार के दायरे में है। "श्रम सुविधा पोर्टल" पर इन सभी कानूनों की जानकारी दी जाएगी और उद्यमी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा सकेंगे। श्रमिकों को एक आईटी नंबर भी दिया जाएगा। साथ ही साथ इस योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना मज़बूत की जाएगी और उन्हें स्मार्ट कार्ड प्रदान किया जाएगा।

योजना का उद्देश्य, महत्व और विशेषता

श्रमेव जयते योजना के तहत कुछ अहम श्रम सुधार किए जाएंगे। ऐसे सुधार जो ना केवल श्रमिकों को खुश करेंगे बल्कि भारत के उद्योग डगर की ज़रूरतों को भी पूरा करेंगे। श्रमेव जयते योजना के तहत ऐसे कदम उठाए जाएंगे। ऐसे सुधार जो ना केवल श्रमिकों को खुश करेंगे बल्कि भारत के उद्योग डगर की ज़रूरतों को भी पूरा करेंगे। श्रमेव जयते योजना के तहत ऐसे कदम उठाए जाएंगे जो व्यवसाय करने में आने वाली बाधाओं को दूर करने में सक्षम होंगी तथा अनुपालन समय एवं लागत में कमी लाने में प्रबल। श्रमेव जयते योजना के जरिए देश में औघोगिक विकास में सहायक वातावरण स्थापित है। इस योजना के तहत ईपीएफ के लगभग 4 करोड़ ग्राहकों के लिए पूरी जानकारी को केंद्रीय रूप से संकलित और डिजिटाइज़ किया गया है और सभी को यूएएन आवंटित किया गया है। समाज के कमज़ोर वर्ग के वित्तीय समावेशन और उनकी विशिष्ट पहचान के लिए यूएएन को बैंक खाते और आधार कार्ड और अन्य केवाईसी विवरणों के साथ जोड़ा जा रहा है। संसद के इस मानसून सत्र के दौरान तीन प्रमुख श्रम कानूनों में संशोधन संसद में पेश किए गए। मंत्रालय के द्वारा औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के लिए केंद्रीय क्षेत्र में एक श्रम सुविधा के लिए इकाइयों को विशिष्ट श्रम पहचान संख्या आवंटित की जाएगी। उद्योग द्वारा स्व-प्रमाणित और सरलीकृत एकल ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करना है। श्रम निरीक्षकों द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट को 72 घंटे के भीतर अनिवार्य रूप से अपलोड करना है। पोर्टल के माध्यम से शिकायतों का समय पर निवारण सुनिश्चित होगा। इन सभी 6-7 लाख इकाइयों को लिन आवंटित करने का प्रस्ताव है। अब तक निरीक्षण के लिए इकाइयों का चयन स्थानीय स्तर पर बिना किसी वस्तुनिष्ठ मापदंड के किया जाता है। 6.50 लाख संस्थाओं व 1,800 इंस्पेक्टरों को यूनिफ़ाइल लेबर पोर्टल के बारे में SMS भेजे जाएंगे। नई श्रम निरीक्षण योजना के तहत श्रम निरीक्षकों को एक बनी-बनाई लिस्ट मिलेगी जिसमें उन्हें बताया जाएगा कि उन्हें इंस्पेक्शन के लिए कहां जाना है। इंस्पेक्टरों को निरीक्षण पूरा करने के 72 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट को पोर्टल पर डालना होगा। पोर्टल की मदत से समय पर शिकायत का निवारण होगा। श्रमेव जयते योजना से विश्वास बढ़ेगा युवाओं की काबिलीयत बढ़ेंगी और व्यवसाय करना आसान होगा।

देश में कुल 44 श्रम कानून हैं जिसमें 16 केंद्र सरकार के दायरे में है। "श्रम सुविधा पोर्टल" पर इन सभी कानूनों की जानकारी दी जाएगी और उद्यमी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी करा सकेंगे। श्रमिकों को एक आईडी नंबर भी दिया जाएगा। इसके साथ ही साथ इस योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के मज़दूरों के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना मज़बूत की जाएगी और उन्हें स्मार्ट कार्ड प्रदान किया जाएगा। अगले कुछ सालों में 2.9 लाख की वर्तमान संख्या के मुकाबले 20 लाख से अधिक प्रशिक्षु तैयार करना है। प्रशिक्षण के पहले दो सालों के दौरान प्रशिक्षुओं को भुगतान किए गए 50% स्टाइपेंड की प्रतिपूर्ति के माध्यम से विनिर्माण इकाइयों का समर्थन करने के लिए एक पहल के रूप में योजना शुरू की गई। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्मार्ट कार्ड की सुविधा प्रदान करना है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के लाभों के बारे में विस्तार से जानने के लिए ऑफिशल वेबसाइट shramsuvidha.gov.in पर जाना होगा और वहां से सारी जानकारी ले सकते है। साथ ही Tollfree नंबर 011-23354722 पर फ़ोन कर के भी सारी जानकारी ले सकते है। या फिर ऑफिसियल मेल help-shramsuvidha@gov.in पर मेल कर के जानकारी हासिल कर सकते हैं।

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