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इबोला वायरस के अलावा ये 9 अन्य संक्रामक बीमारियां भारत के लिए बड़ा खतरा  

Manthan

इबोला वायरस के अलावा ये 9 अन्य संक्रामक बीमारियां भारत के लिए बड़ा खतरा  

Ashish Urmaliya || The CEO Magazine

वैसे तो भारत में इबोला जैसी भयावह और जानलेवा बीमारी के एक दो केसेस ही सामने आये हैं, और ऐसे मरीजों का पता लगते ही भारत द्वारा इससे निपटने के लिए और इसे फैलने से रोकने के लिए तुरंत ठोस कदम भी उठाये गए हैं। मानें तो, भारत अब तक इबोला जैसी खतरनाक बीमारी से बचा हुआ है। लेकिन, हाल ही में देश के सबसे बड़े हेल्थ रिसर्च आर्गेनाईजेशन, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद् (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के मेडिकल साइंटिस्ट्स ने इबोला समेत वायरल इन्फेक्शन के 9 अन्य शुरूआती मामले पकड़े हैं। वैज्ञानिकों का मानना है, कि यह देश के सार्वजानिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। वैज्ञानिकों की जानकारी में जो वायरल इन्फेक्शंस आये हैं, उनमें इबोला, येलो फीवर, एवियन इन्फ्लुएंजा(एच7एन9) और एमईआरएस-कोव हैं। आपको जानकारी हो, पिछले कुछ वर्षों में इन विषाणुओं ने दुनिया के कई देशों को तबाह कर दिया है।

संक्रमित देशों के जरिये भारत में प्रवेश की आशंका-

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद् के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव के अनुसार, लगातार बढ़ते विदेशी पर्यटन से इन बिमारियों की भारत आने की आशंका बढ़ी है। ऐसे में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को आपाकलीन परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार रहने की जरूरत है। युगांडा एक इबोला प्रभावित देश हैं और यहां करीब 30 हजार भारतीय रेहते हैं। इसके अलावा कॉन्गो भी ऐसा देश है जो इस वायरल इन्फेक्शन से जूझ रहा है, जहां हमारे देश के कुछ सैन्य दल उपस्थित हैं।

इबोला क्या है?

इबोला एक अति संक्रमित बीमारी है, जो शरीर से निकलने वाले तरल यानी पेशाब, पसीने आदि के जरिये एक-दूसरे में फैलती है। जो भी व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित होता है उसे तेज बुखार होता है और उसके शरीर के अंदर व बाहर रक्त का स्राव होता होता रहता है। इबोला के 70 फीसदी मामलों में रोगी की मौत हो जाती है। डॉ. भार्गव ने तसल्ली देते हुए कहा है, कि भविष्य में अगर किसी स्थिति में हमारे देश के सामने ऐसी चुनौती आती है, तो हम इससे निपटने में सक्षम हैं। हमारे पास बिनियादि सुविधाएं और विशेषज्ञता दोनों उपलब्ध हैं।

आइये इसी के साथ उन 9 अन्य वायरल संक्रमणों की लिस्ट पर नजर डाल लेते हैं, जो भारत के लिए खतरा बन सकते हैं।

एक अच्छी खबर-

मिडिल ईस्ट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम कोरोना वायरस (एमईआरएस-कोव), एक बेहद खतरनाक इन्फेक्शन, जो सबसे पहले 2012 में सऊदी अरब में सामने आया था। और उसके बाद यह बिमारी अब तक दुनिया के 26 देशों में फ़ैल चुकी है। इससे प्रभावित रोगी को श्वसन संबंधी समस्या होती है। एक साथ शरीर के कई अंग बेकार हो जाते हैं, काम करना बंद कर देते हैं। अच्छी खबर यह है, कि सौभाग्य से भारत में अब तक इस बीमारी का एक भी मामला सामने नहीं आया है। यह जानकारी या कह लें खुशखबरी, इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च द्वारा प्रकाशित नई व पुरानी संक्रामक बीमारियों और नए वायरसों की समीक्षा रिपोर्ट में दी गई है।

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