सबसे ज्यादा सोना किस देश के पास है और कितना है? बाकी जानकारी पढ़, सोने के जानकार बन जाएंगे आप

सोना खरीदते समय सोने की गुणवत्ता की जांच करना सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। आप हॉलमार्किंग का उपयोग करके सोने की शुद्धता की जांच करके सोने की गुणवत्ता का निर्धारण कर सकते हैं। भारतीय शासन द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसी 'भारतीय मानक ब्यूरो' (बीआईएस) के अनुसार, आपको अपने आभूषणों पर निम्नलिखित घटकों की तलाश करनी चाहिए, तभी माना जाएगा कि सोना शुद्ध है।
सबसे ज्यादा सोना किस देश के पास है और कितना है? बाकी जानकारी पढ़, सोने के जानकार बन जाएंगे आप

गोल्ड का हमारे देश से बहुत पुराना नाता है। एक समय था जब हमारे देश के बराबर सोना किसी देश के पास नहीं था। खैर, इतना ज्यादा लूटे जाने के बाद भी हमारा देश नौवां सबसे ज्यादा स्वर्ण भंडार वाला देश है। दुनिया के 10 सबसे अधिक स्वर्ण भंडार वाले देशों के बारे में आप आगे जानेंगे, उससे पहले गोल्ड से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बातों को जान लें जो आपके लिए बेहद ज़रूरी हैं।

सोना खरीदते वक्त उसकी शुद्धता का पता कैसे लगाएं?

सोना खरीदना एक बड़ा निवेश होता है, इसलिए सोने की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है। अगर आप पता लगाना चाहते हैं कि आप जो सोना खरीद रहे हैं या खरीद चुके हैं वो असली है या नहीं? पता लगाने के लिए नीचे बताए गए बिंदुओं का पालन कर सकते हैं।

स्क्रैचिंग टेस्ट (Scratching Test): यह टेस्ट सोने को सिरेमिक प्लेट के खिलाफ स्क्रैच करके किया जाता है। अगर सोना नकली है, तो यह एक काले रंग की खरोंच छोड़ देगा, अगर सोना असली होगा तो खरोंच के बाद भी उसकी भीतरी परत सुनहरी होगी।

एसिड टेस्ट (Acid Test): अम्ल परीक्षण नाइट्रिक अम्ल का उपयोग करके किया जाता है। हालांकि, आपको सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षण किसी विशेषज्ञ की देखरेख में हो, नहीं तो आपके गोल्ड खराब भी हो सकता है। इसके जरिए आप बेहतर तरीके से असली सोने की परख कर पाते हैं।

चुंबकीय परीक्षण (Magnetic Test): जैसा कि हम सभी जानते हैं सोने में चुंबकीय गुण नहीं होता है। इसलिए, चुंबक के ज़रिए सोने की शुद्धता की जांच आसानी से की जा सकती है कि सोना शुद्ध है या सस्ती धातुओं के मिश्रण से चमकाया गया है।

सोने का घनत्व (Gold Density): सोने की शुद्धता की जांच के अलावा, सोने के घनत्व की जांच करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसलिए, यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप सोने के सही मूल्य का भुगतान कर रहे हैं, आभूषण, बार या सोने के सिक्के के वजन की जांच ध्यानपूर्वक करें।

ऊपर तो हमने घरेलू नुस्खों की बात की। अब सरकार द्वारा निर्धारित पैमानों की बात कर लेते हैं। सोना खरीदते वक्त हमारे पास यह जानकारी होनी भी ज़रूरी है कि नियमों के आधार पर किस गोल्ड को असली माना जाए। सोना खरीदते समय सोने की गुणवत्ता की जांच करना सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है। आप हॉलमार्किंग का उपयोग करके सोने की शुद्धता की जांच करके सोने की गुणवत्ता का निर्धारण कर सकते हैं। भारतीय शासन द्वारा मान्यता प्राप्त एजेंसी 'भारतीय मानक ब्यूरो' (बीआईएस) के अनुसार, आपको अपने आभूषणों पर निम्नलिखित घटकों की तलाश करनी चाहिए, तभी माना जाएगा कि सोना शुद्ध है।

1. बीआईएस मार्क (BIS hallmark): हॉलमार्क वाले किसी भी आभूषण में बीआईएस मार्क वाला लोगो होता है। आभूषण में इस लोगो के होने का मतलब, इसका परीक्षण अधिकृत प्रयोगशाला में किया गया है।

2. कैरेट (Karat) 'द्रव्यमान की इकाई': हॉलमार्क ज्वैलरी की पहचान करने के लिए, आपको ज्वैलरी पर नंबर के साथ K अक्षर को देखना होगा। 24K सोना 100 फीसदी शुद्ध सोना माना जाता है।

इसके साथ ही आपको आभूषणों की शुद्धता का आकलन करने के लिए हॉलमार्किंग सेंटर नंबर और जौहरी के पहचान चिह्न को भी ठीक से देख लेना चाहिए।

22K और 24K गोल्ड के बीच का फ़र्क भी जान लीजिए...

24 कैरेट(K) सोना खरा यानि सबसे शुद्ध सोना माना जाता है। यह 99.9% शुद्ध होता है अर्थात इसमें किसी अन्य धातु का मिश्रण नहीं होता। वहीं दूसरी ओर, 22 कैरेट सोना 91.67% शुद्ध होता है। इसमें बाकी के बचे हुए प्रतिशत में अन्य धातुओं का मिश्रण होता है।

22 कैरेट और 24 कैरेट गोल्ड के बीच बुनियादी अंतर क्या है? नीचे पढ़िए-

हमारे देश में हॉलमार्क (Hallmark) वाले सोने की कीमतों का निर्धारण कैसे किया जाता है?

हॉलमार्किंग अधिकृत निकाय द्वारा सोने की शुद्धता के प्रमाणीकरण की एक प्रक्रिया है। हालांकि, हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों और बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों के भाव में कोई खास अंतर नहीं है। यह प्रक्रिया उपभोक्ताओं को मिलावट के धोखे से बचाती है। साथ ही, जौहरियों के लिए शुद्धता और फिटनेस के कानूनी मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य करती है।

आइये हमारे देश में सोने की कीमतों की गणना के लिए इस्तेमाल किया जाने वाले सामान्य सूत्र को भी जान लीजिए...

किसी भी आभूषण की फ़ाइनल कीमत = 22 केटी सोने की कीमत X ((ग्राम में वजन) + मेकिंग चार्ज + जीएसटी 3 प्रतिशत पर (आभूषण की कीमत + मेकिंग चार्ज)

सोना खरीदते समय क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

आप सोना खरीद रहे हों या खरीद चुके हों। आपको इन बातों पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए।

तो आइये अब उन टॉप 10 देशों के बारे में जान लेते हैं जिनके पास सबसे अधिक स्वर्ण भंडार है...

सभी देशों के केंद्रीय बैंक भविष्य में उपयोग के लिए मुद्रा के साथ स्वर्ण भंडार भी रखता है। सोने की कीमतों में तेजी आने के पीछे का कारण यही भंडार होते हैं। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका के पास सबसे अधिक 8133 टन सोने का भंडार है। अमेरिका के बाद, जर्मनी के पास लगभग 3362 टन का दूसरा सबसे बड़ा स्वर्ण भंडार है। नीचे दी गई लिस्ट में टॉप 10 स्वर्ण भंडार वाले देशों का उल्लेख है, गौर फरमाइए...

Pratinidhi Manthan
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