टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं? सामान्य तौर पर होने वाली ये 7 गलतियां न करें

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने का सीजन वापस आ गया है। दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 सितंबर, 2021 तक बढ़ा दी गई है। साल का ये जो वक्त होता है उसमें, व्यक्ति अपने फॉर्म -16, टीडीएस प्रमाणपत्र, निवेश प्रमाण पत्र, बैंक खाता विवरण प्राप्त करने के लिए फ़ॉर्म को ठीक से भरने और शेष करों का भुगतान करने या धनवापसी का दावा करने के लिए (यदि कोई हो), प्राप्त करने के लिए हाथ-पांव मारने में लगे हुए होते हैं।
टैक्स रिटर्न फाइल कर रहे हैं? सामान्य तौर पर होने वाली ये 7 गलतियां न करें

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक नई वेबसाइट शुरू की है जो कई तरह की गड़बड़ियों का सामना कर रही है। इसलिए समय सीमा को और बढ़ाने की मांग की गई है। हालांकि, यह हमारे नियंत्रण में नहीं है। तो आइए जानते हैं कि क्या आपको तुरंत फॉर्म भरने की आवश्यकता है या 30 सितंबर, 2021 तक प्रतीक्षा कर सकते हैं।

सही ढंग से अपना आयकर रिटर्न दाखिल करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। गलत फाइलिंग से आईटी विभाग से नोटिस, रिफंड की प्रक्रिया में देरी, जुर्माना लगाने या संशोधित रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता हो सकती है।

आइए एक नजर डालते हैं उन सामान्य गलतियों पर जो लोग आयकर रिटर्न दाखिल करने के दौरान अक्सर करते हैं।

1. सही फॉर्म का चयन

ITR-1 से लेकर ITR-7 तक कई तरह के फॉर्म उपलब्ध हैं, जिन्हें आपको चुनना चाहिए। किस फॉर्म का उपयोग करना है, यह तय करने से पहले प्रत्येक फॉर्म के विवरण को ध्यान से पढ़िए। इंडिविजुअल के लिए 4 फॉर्म होते हैं।

यदि आप वेतनभोगी हैं, कहने का मतलब महीने भर में पगार आती है लेकिन आपकी मुख्य कमाई (शेयरों/संपत्ति आदि से) आती है तो आप आईटीआर-1 का उपयोग नहीं कर सकते हैं, आपको आईटीआर-2 का उपयोग करना होगा। अगर आप सैलरी पाने वाली कंपनी में डायरेक्टर हैं तो आपको आईटीआर-3 का इस्तेमाल करना होगा। यदि आप एक स्व-नियोजित व्यक्ति हैं और आनुमानिक आय वर्गों का उपयोग कर रहे हैं तो ITR-4 का उपयोग करें। यदि आपकी आय व्यवसाय से लाभ के रूप में है तो ITR-3 का उपयोग करें।

2. गलत अस्सेस्मेंट ईयर का उपयोग

आकलन वर्ष (AY) और वित्तीय वर्ष (FY) दो अलग-अलग अवधारणाएं हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 (1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2021) में अर्जित आय का आकलन वर्ष 2021-22 में कर के लिए किया जाता है।

यदि आप वित्त वर्ष 2020-21 के लिए रिटर्न दाखिल कर रहे हैं, तो निर्धारण वर्ष 2021-22 होगा। यदि आप वित्त वर्ष 2019-20 के लिए रिटर्न दाखिल कर रहे हैं, तो निर्धारण वर्ष 2020-21 होगा। (Assessment Year (AY) = Financial Year (FY) + 1)

3. फॉर्म 26AS के साथ आय और कर क्रेडिट का मिलान

फॉर्म 26AS एक वार्षिक समेकित विवरण (Annual consolidated statement) होता है जिसमें वर्ष के दौरान विभिन्न कटौतीकर्ताओं द्वारा आपकी आय पर कर कटौती की जानकारी शामिल है, जैसे नियोक्ता (वेतन पर), बैंक (ब्याज पर), आदि। आप इस विवरण को नई वेबसाइट पर ITR दाखिल करते समय देख सकते हैं। .

अनिवार्य रूप से, इस विवरण में दिखाई गई सभी आय को अपना ITR दाखिल करते समय ध्यान में रखा जाना चाहिए। अगर आपकी कोई आय छूट जाती है (जैसे कि ब्याज आय), तो आपको नोटिस मिल सकता है।

कटौतीकर्ता की ग्रॉस इनकम (टीडीएस से पहले) को शामिल किया जाना चाहिए न कि शुद्ध आय (टीडीएस के बाद) को।

वेतनभोगी व्यक्तियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फॉर्म 16 में एम्प्लॉयर द्वारा उनकी कुल आय और कर कटौती फॉर्म 26AS के साथ मेल खाती है।

4. निश्चित आय को शामिल करने में चूक

कुछ आय जिन्हें आयकर से छूट दी गई है, वे हैं सांविधिक भविष्य निधि (Statutory Provident Fund), सार्वजनिक भविष्य निधि (Public Provident Fund), सेवानिवृत्ति निधि (Superannuation Funds), शिक्षा पूरी करने के लिए प्राप्त छात्रवृत्ति, बीमा योजनाओं से वार्षिकी आदि से प्राप्तियां।

हालांकि वे छूट प्राप्त हैं, किसी को भी आईटीआर में इसकी सूचना देनी चाहिए क्योंकि इससे टैक्स देने वाले के लिए भविष्य में किसी विशेष आय के स्रोत की व्याख्या करना मुश्किल हो सकता है। वैसे भी इस पर कोई टैक्स नहीं लगता, इसलिए रिपोर्टिंग में कोई हर्ज नहीं है।

5. पूंजीगत लाभ की फाइलिंग अनुसूची

डीमैट खातों में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ महामारी वर्ष के दौरान शेयर बाजारों में रुचि तेजी से बढ़ी है। यदि आप वेतनभोगी हैं और इक्विटी में व्यापार करते हैं तो आपको पूंजीगत लाभ की रिपोर्ट करने के लिए ITR-3 का उपयोग करना होगा।

यदि आपने वर्ष के दौरान संपत्ति बेची है, तो भी आप पूंजीगत लाभ की सूचना दे सकते हैं। आजकल सभी डीमैट खातों में वर्ष के दौरान किए गए पूंजीगत लाभ का ब्योरा होता है और आप इस संख्या का उपयोग रिटर्न दाखिल करने के लिए कर सकते हैं।

6. रिफंड के लिए बैंक खातों को प्री-वैलिडेट करें

यदि आपके पास कोई प्री-वैलिडेट बैंक अकाउंट नहीं है, तो आप रिफंड प्राप्त नहीं कर सकते। धनवापसी केवल आपके बैंक खाते में इलेक्ट्रॉनिक रूप से स्थानांतरित की जाती है जो आपके पैन से जुड़ा हुआ है, जो 1 मार्च 2019 से प्रभावी है। आपके बैंक खाते को www.incometax.gov.in पर ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक सरल प्रक्रिया का उपयोग करके प्री-वैलिडेट किया जा सकता है।

7. ई-सत्यापन न कर पाने की स्थिति में ITR-V को समय पर भेजने में विफलता

अपना ITR ऑनलाइन सफलतापूर्वक दाखिल करने के बाद, आपको इसे सत्यापित (Varify) करने की आवश्यकता होती है। एक बार सत्यापित होने के बाद, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके रिटर्न को प्रोसेस करना शुरू कर देता है। रिफंड, यदि कोई हो, प्रस्तुत और सत्यापित किए गए रिटर्न के लिए प्रोसेस की जाती है। आप नेटबैंकिंग या आधार ओटीपी के माध्यम से ई-सत्यापन कर सकते हैं।

यदि आप पुष्टि नहीं करते हैं तो आपको बैंगलोर में केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र में भौतिक रूप में ITR-V जमा / कूरियर करने की आवश्यकता होगी। कभी-कभी लोग भूल जाते हैं और उनका ऑनलाइन सबमिशन मान्य नहीं होता है।

इन तमाम सामान्य गलतियों से बचें और तनाव मुक्त फाइलिंग का आनंद लें।

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