फांसी से बचने के लिए परवेज मुशर्रफ के पास क्या रास्ते हैं?

फांसी से बचने के लिए परवेज मुशर्रफ के पास क्या रास्ते हैं?

Ashish Urmaliya ||Pratinidhi Manthan

पाकिस्तानकी विशेष अदालत ने पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ कोराजद्रोह का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। 

पाकिस्तानके कानून के आर्टिकल 6 के तहत विशेष अदालत ने परवेज मुशर्रफ को सजाए मौत सुनाई है।अदालत के इस फैसले के बाद पाकिस्तान से बाहर निर्वासन का जीवन जी रहे मुशर्रफ के भविष्यको लेकर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया है। कानून के जानकारों के मुताबिक, पाकिस्तानमें साल 1973 में एक संबंधित नया कानून बनाया गया था। और इस कानून के तहत पहली बारकिसी व्यक्ति को दोषी करार दिया गया है। इस कानून में अधिकतम सजा फांसी की है जो मुशर्रफको दी गई है। इस कानून के बारे में किसी को भी ज्यादा जानकारी न होने की वजह से असमंजसकी स्थिति पैदा हो गई है, कि मुशर्रफ को ऊपरी अदालत में अपील का मौका मिलेगा या नहीं। 

जानकार ने क्या कहा?

पाकिस्तानके एक कानूनी जानकार ने पाकिस्तानी मीडिया से ही बात करते हुए बताया है, कि 'जिस कानूनके तहत यह सजा दी गई है उस पर कोई टिप्पणी फैसले को विस्तार से पढ़ने के बाद ही की जासकती है। वैसे अटकलें लगाई जा रही हैं, कि मुशर्रफ को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट मेंअपील करने का मौका मिल सकता है लेकिन जब तक पूरा फैसला पढ़ा नहीं जायेगा तब तक हम कुछनहीं कह सकते कि मौका मिलेगा या नहीं।' असमंजस इसलिए बना हुआ है, क्योंकि इस कानूनके तहत पहली बार किसी व्यक्ति को सजा सुनाई गई है।

तो क्या इमरान के हाथ में हैभविष्य?

पाकिस्तानी मीडिया की तरफ से हमें जितनी जानकारी मिली है उसके अनुसार, कोर्ट द्वारा देशद्रोह के दोषी करार दिए गए मुशर्रफ का भविष्य क्या होगा इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने फैसला देकर अपना काम कर दिया है। दुबई में जिंदगी गुजार रहे पूर्व सैन्य तानाशाह के साथ क्या होता है यह सब पाकिस्तानी सरकार पर ही निर्भर करता है।

सजा क्या है?

परवेजमुशर्रफ को राजद्रोह के मामले में मौत की सजा सुनाई गई है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपतिऔर सैन्य शासक के खिलाफ राजद्रोह मामले की सुनवाई पेशावर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशवकार अहमद सेठ के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय पीठ ने की है।

Pratinidhi Manthan
www.pratinidhimanthan.com