लादेन और बगदादी के बाद यह तीसरा नाम दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा!

लादेन और बगदादी के बाद यह तीसरा नाम दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा!

AshishUrmaliya || Pratinidhi Manthan

इस आतंकी के सिर पर 177 करोड़ का ईनाम है।

दुनियाका सबसे खूंखार आतंकी 'अबू बक्र अल बगदादी' मारा जा चुका है। इससे पहले साल 2011 में'लादेन' मारा गया था। दोनों की मौत की स्क्रिप्ट अमेरिका ने ही लिखी लेकिन सोचने वालीबात यह है, कि दुनिया के इतने बड़े आतंकियों को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के पहले हीमौत के घाट उतारा गया। तो सवाल यह उठता है, कि दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादियोंको मारने के लिए अमेरिका का चुनाव होना ज़रूरी है? ऐसी ही कार्यवाही किसी भी वक्त नहींकी जा सकती?

इनदोनों खूंखार आतंकियों की मौत के बाद दुनिया में खौफ का जो नया नाम निकल कर सामने आयाहै, वह है- आयमान अल-जवाहिरी।

बतादें, सोवियत संघ और अमेरिका के फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) समेत दुनिया कीकुछ बड़ी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समय-समय पर 'मोस्ट वान्टेड' अपराधियों/आतंकियोंकी सूची जारी की जाती है। मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची जारी करने वाली एजेंसियोंमें भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी NIA भी शामिल है। NIA ने मोस्ट वांटेड आतंकियोंकी सूची अंतिम बार 2018 में जारी की थी। और इन्हीं सब सूचियों के आधार पर दुनियाभरके मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची तैयार होती है। तो आइये मौजूदा स्थिति में दुनियाके मोस्ट वांटेड आतंकियों को श्रेणीबद्ध रूप से जान लेते हैं। 

1. आयमान अल-जवाहिरी

आज की तारीख में जो दुनिया का सबसे खूंखार और मोस्ट वांटेड आतंकी है, वह है- आयमान अल-जवाहिरी। अमेरिका के रिवॉर्ड फॉर जस्टिस(RFJ) प्रोग्राम के तहत इस आतंकी का नाम मोस्ट वांटेड की सूची में सबसे ऊपर है। RFJ ने जवाहरी के सिर पर 25 मिलियन डॉलर यानी करीब 177.35 करोड़ का ईनाम रखा है। बता दें, 2011 में लादेन की मौत के बाद आयमान अल-जवाहिरी को 'अलकायदा' आतंकी संगठन का मुखिया बना दिया गया था।

आयमानअल-जवाहिरी 7 अगस्त 1998 के दिन केन्या और तंजानिया के अमेरिकी दूतावास में हुए बसविस्फोट का सरगना था। इस विस्फोट में 224 से ज्यादा आम नागरिक मारे गए थे और 5 हज़ारसे ज्यादा लोग घायल हुए थे।

12अक्टूबर 2000 के दिन यमन में अमेरिकी नाविकों पर हुआ हमला और 11 सितंबर 2001 को दुनियाका सबसे बड़ा 'वर्ल्ड ट्रेड सेंटर' पर हुआ आतंकी हमला। इन दोनों हमलों में जवाहिरी नेही मुख्य भूमिका निभाई थी। अब इस आतंकी के अंत के लिए भी हमें शायद अगले अमेरिकी चुनावतक का इंतजार करना होगा।

2. हाफिज सईद

मोस्ट वांटेड की सूची में जो दूसरा नाम है, वह है- हाफिज सईद। इस आतंकी के निशाने पर खासकर भारत रहता है। रिवॉर्ड फॉर जस्टिस(RFJ) प्रोग्राम के तहत हाफिज सईद पर 10 मिलियन डॉलर यानी करीब 71 करोड़ रूपए का ईनाम रखा गया है। इसके बावजूद यह आतंकी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहा है और जन सभाओं को संबोधित कर रहा है।

हाफिजसईद इस्लामिक संगठन 'जमात-उद-दावा' और इसकी शाखा 'आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा' का संस्थापकहै। साल 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों समेत अन्य कई हमलों में इसकी मुख्य भूमिकारही है।

3. सिराजुद्दीन हक्कानी

दुनिया का तीसरा मोस्ट वांटेड आतंकी जिसने अपने उपनाम से ही एक आतंकी संगठन की शुरुआत की है। यह आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क का मुखिया है। इस आतंकी संगठन का मुख्य उद्देश्य अफगानिस्तान देश को पुनः तालिबानी शासन के अधीन लाना है। रिवॉर्ड फॉर जस्टिस(RFJ) प्रोग्राम के तहत सिराजुद्दीन हक्कानी पर 71 करोड़ रूपए का ईनाम रखा गया है। RFJ की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, हक्कानी ने खुद यह माना था कि उसने 2008 में अफगानिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति हामिद करजई पर हमले की योजना बनाई थी।

4. अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह

यह आयमान अल-जवाहिरी के नेतृत्व वाले संगठन 'अलकायदा' से जुड़ा एक बड़ा नाम है। यह अलकायदा के नेतृत्व परिषद् मजलिस अल-शूरा का सदस्य भी है। इस आतंकी को 2003 में ईरान में गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन साल 2015 में अलकायदा ने ईरानी राजनयिक के बदले अन्य आतंकियों के साथ  अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह को भी छुड़ा लिया था। एक अमेरिकी एजेंसी के अनुसार, अब्दुल्लाह अलकायदा का अनुभवी ऑपरेशनल प्लानर और वित्तीय अधिकारी है। RFJ द्वारा इसके सिर पर भी 71 करोड़ रुपए का इनाम रखा गया है।

5. सैफ अल-अद्ल

यह अलकायदा की मिलिट्री कमेटी का प्रमुख है। ईरानी राजनयिक के बदले ईरान देश द्वारा अब्दुल्लाह अहमद अब्दुल्लाह के साथ छोड़े जाने वाले आतंकियों में से यह भी एक था। RFJ ने इसके सिर पर भी 10 मिलियन डॉलर यानी लगभग 71 करोड़ रुपए का इनाम रखा है। 1990 की शुरुआत तक सैफ अल-अद्ल अलकायदा और इससे जुड़े अन्य समूहों के लिए अफगानिस्तान, पाकिस्तान, सूडान समेत अन्य देशों में लोगों को ट्रेनिंग देने का काम करता था।

दुनियाटॉप 5 मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में 3 आतंकी अलकायदा से ही संबंधित हैं। ये तोहुई दुनिया की बात अब बात कर लेते हैं भारत की। भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी(NIA) भी हर साल देश के मोस्ट वांटेड लोगों की सूची जारी करती है। साल 2018 में जारीकी गई सूची में कुल 258 नाम शामिल हैं जिनमें से 15 अपराधी पाकिस्तान के हैं। पाकिस्तानके 15 आतंकियों में जो सबसे मुख्य नाम हैं, वह हैं-  जकि-उर-रहमान लखवी, अब्दुर रहमान हाशिम सैयद, साजिदमाजिद। इस सूची में भारत के कुछ माओवादियों के नाम भी सबसे ऊपर हैं-

मुपल्ला लक्ष्मण राव

यहनाम गूगल पर सर्च करेंगे, तो विकिपीडिया में गणपति लिखा आएगा। NIA की सूची में यह सबसेबड़ा ईनामी माओवादी है जो तेलंगाना से ताल्लुक रखता है. बीते साल ही खराब स्वास्थ्यऔर उम्र का हवाला देते हुए उसने प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के आम सचिव का पदछोड़ा। किसी के लिए भी उस तक पहुंच पाना मुश्किल है, लेकिन अभी कुछ समय पहले ही उसकाएक बयान सामने आया था कि 'बीते आठ सालों में भारत में क्रांतिकारी अभियान कमजोर हुआहै।'

नम्बाला केशव राव-

इसेगणपति का उत्तराधिकारी माना जाता है। वर्तमान में यह Communist Party of India(माओवादी)का प्रमुख है। 'बसवराज' के नाम से भी जाना जाने वाले इस माओवादी को ImprovisedExplosive Device (IEDs) का एक्सपर्ट माना जाता है। सरकार ने इसके सिर पर 10 लाख रूपएका ईनाम रखा है।

Pratinidhi Manthan
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