एक कबूतर की कीमत 14 करोड़, क्या है इसमें ऐसा?

एक कबूतर की कीमत 14 करोड़, क्या है इसमें ऐसा?

Ashish Urmaliya | Pratinidhi Manthan

भारत में कबूतरों का बहुत बड़ा इतिहास है, राजा महाराजाओं के दौर में कबूतरों का अलग ही रुतवा हुआ करता था। पहले के दौर में कबूतरों ने कई युद्ध करवाए और कई रुकवाए, कई ऐतिहासिक प्रेम कहानियों का गवाह भी बने. जैसा कि हम सभी जानते हैं पहले के समय में कबूतर पोस्टमैन की भूमिका में हुआ करते थे। लेकिन आजकल ये कबूतर जंगलों और शहरों की ऊंची-ऊंची इमारतों के छतों में गुटुर गू…  करने तक ही सीमित रह गए हैं। आज इंटरनेट वाले दौर में किसी को भी ये काम के नहीं लगते। लेकिन आज भी इन पक्षियों की कीमत करोड़ों में भी हो सकती है इस बारे में शायद ही आपने सोचा होगा। दरअसल, हाल ही में बेल्जियम देश में एक निलामी हुई, जिसमें एक मादा कबूतर को रिकॉर्ड 14 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की कीमत पर खरीदा गया। अब आप सोचेंगे, एक कबूतर के लिए इतनी बड़ी रकम कौन ही खर्च करेगा, हम तो अपने घर के छतों पर इनकी पॉटी साफ़ कर-कर के परेशान हैं। लेकिन नहीं ऐसा हुआ है, और उसके पीछे ख़ास कारण भी है, भारत में इसका प्रचलन नहीं है लेकिन विदेशों में बहुत चल रहा है। आइये जानते हैं… 

प्रचलित न्यूज एजेंसी 'रॉयटर्स' के मुताबिक, बेल्जियम की एक दो वर्षीय मादा कबूतर जिसका नाम 'न्यू किम' है। उसे रिकॉर्ड 19 लाख डॉलर यानि लगभग 14 करोड़ में बेचा गया। इस मादा कबूतर को शुरूआती मात्र 237 डॉलर पर नीलामी के लिए रखा गया था। लेकिन एक चीनी व्यक्ति ने इसे 19 लाख डॉलर (14 करोड़ 15 लाख रुपये से ज्यादा) की कीमत में खरीद लिया। दरअसल यह एक रिकार्डधारी रेसर कबूतर है, इसके बावजूद भी इस रेसर कबूतर को पालने वाले कुर्त वाउवर और उनका परिवार इतनी बड़ी रकम पर बेचे जाने वाली खबर को सुनकर हैरान थे। क्योंकि वाकई एक कबूतर के हिसाब से यह रकम बहुत ज्यादा है।

बता दें, न्यू किम नाम की इस कबूतरी ने साल 2018 में कई प्रतियोगिताएं जीती, जिसमें 'नैशनल मिडल डिस्टेंस रेस' भी शामिल है। यह खिताब जीतने के बाद इस मादा कबूतर ने रिटायरमेंट ले लिया था। विदित हो, कि एक रेसिंग कबूतर 10 साल की उम्र होने तक बच्चे पैदा कर सकते हैं। हालांकि सभी जानकारों को यह कीमत कुछ ज्यादा ही अधिक लग रही है लेकिन जिसने यह खरीदी की है दिमाग उसके पास भी होगा ही। ऐसा माना जा रहा है कि न्यू किम कबूतर के नए मालिक उसका इस्तेमाल प्रजनन के लिए करने वाले हैं। और इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण यह नजर आ रहा है कि, पिछले कुछ वर्षों से चीन में कबूतरों की रेस काफी पॉपुलर हो रही है, इसलिए न्यू किम से पैदा होने वाले कबूतरों को रेसर बना कर उसके नए मालिक तगड़ा मुनाफा कमाने की फिराक में हैं।

इस नीलामी को आयोजित करने वाली संस्था 'पीपा' के सीईओ निकोलास के अनुसार भी 'ये रिकॉर्ड कीमत अविश्वसनीय है क्योंकि ये एक मादा कबूतर है। और अकसर नर कबूतर की कीमत ज्यादा होती है क्योंकि वे ज्यादा बच्चे पैदा कर सकता है।' निकोलास के मुताबिक, बेल्जियम में करीब 20 हजार कबूतर पालक रहते हैं। वहां यह एक ट्रेंडी बिज़नेस है और चीन में भी इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। हमारे अनुसार भले ही नर कबूतर ज्यादा बच्चे पैदा करने की क्षमता रखते हों लेकिन न्यू किम जैसी अनोखी कबूतरी के बच्चे भी उसी की ही तरह फुर्तीले होंगे जो मालिक को मुनाफा दे कर जाएंगे। 

इससे पहले टॉप रेसर का खिताब अरमांडो नाम के 4 वर्षीय नर कबूतर के नाम था जो उस वक्त 14 लाख डॉलर में बिका था। इस रेसिंग चैंपियन कबूतर को कबूतरों का 'लुईस हैमिल्टन' भी कहा जाता था, जिसे रिटायर होने के बाद 2019 में बेचा गया था। अरमांडो की तरह न्यू किम को खरीदने के लिए दो चीनी खरीददारों ने एक से बढ़कर एक बोली लगाई और उसे रेसिंग की दुनिया का नया बादशाह बना दिया। न्यू किम (New Kim pigeon) जैसे रेसिंग कबूतर 15 सालों तक जीवित रह सकते हैं और 10 साल की उम्र तक बच्चे पैदा कर सकते हैं। 

Pratinidhi Manthan
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