भारत के 5 सबसे सुंदर गांव, जहां जाने पर होता है विदेश जैसा एहसास! 

भारत के 5 सबसे सुंदर गांव, जहां जाने पर होता है विदेश जैसा एहसास! 

भारत के 5 सबसे सुंदर गांव, जहां जाने पर होता है विदेश जैसा एहसास!

Ashish Urmaliya | The CEO Magazine

पर्यटन के हिसाब से देखा जाए तो हमारा देश किसी अन्य खूबसूरत देश से कम नहीं है। भारत एक कृषि प्रधान देश है इसलिए यहां की ज्यातर सुंदरता ग्रामीण क्षेत्रों में बसती है, जो पूर्णतः प्राकृतिक होती है. वैसे तो देश का कौना-

कौना खासियतों और प्राकृतिक सुंदरताओं से भरा हुआ है। लेकिन अगर हम बात करें सबसे सुन्दर गावों की, तो पांच ऐसे गांव हैं जहां जाकर आप पूरी दुनिया की खूबसूरती भूल जायेंगे। आइये जानते हैं उनके बारे में-

1- गुडा विश्नोई गांव:- यह जनजातीय गांव राजस्थान के दक्षिण जोधपुर शहर से मात्र 25 किमी की दूरी पर स्थित है। अगर आप ट्राइबल सफारी के शौकीन हैं तो यह आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। क्योंकि यहां पर आपको चिंकारा, मोर, काले हिरण,चिंकारा, हिरण, सारस और कई प्रवासी पक्षी आसानी से देखने मिल जाते हैं। गांव में स्थित सुंदर खेजरी के पेड़ और गुडा बिश्नोई झील, गांव के सौंदर्य में चार चांद लगाती है।

2- कल्प गांव:- समुद्र तल से लगभग 7500 फीट की ऊंचाई पर उत्तराखंड के पहाड़ों की गोद में बसा यह छोटा सा गांव बेहद खूबसूरत है। दुनिया भ

र के शैलानियों की शुकून की तलाश यहां आकर ख़त्म होती है। यह निहायती सुन्दर गांव देहरादून से कुछ घंटे की दूरी पर स्थित है। पहाड़ों के बीच बसे इस आकर्षक गांव में आपको पहाड़ी नदियां, झरने, स्थानीय स्वर्ण मंदिर देखने को मिलेंगे। साथ ही, आप यहां विलेज वॉक और फॉरेस्ट ट्रेकिंग का लुत्फ भी उठा पाएंगे। 500 लोगों की आबादी वाले इस गांव में पर्यटकों को लकड़ी के बने मकानों में रुकने व सेल्फ कुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

3- गुनेह गांव- अगर आप नेचर लवर हैं, तो बिना कुछ सोचे हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा वैली में बसे इस पहाड़ी गांव का रुख कीजिए। यहां पर आप हिमालय के कुछ अनदेखे हिस्सों का दीदार कर पाएंगे।

पहाड़ियों से घिरा यह गांव, कायनात की सबसे खूबसूरत जगह मालूम पड़ता है। यह गांव अन्य भीड़-भाड़ भरे टूरिस्ट डेस्टिनेशन से अलग है जहां आपकी शुकून की तलाश खत्म होती है। यहां आपको सभी सुविधाओं से लेस मड हॉउस रुकने के लिए उपलब्ध कराये जायेंगे।

4- मावल्यान्नॉंग गांव:- मेघालय के शिलॉन्‍ग से 78 किमी दूर स्थित इस गांव को एशिया के सबसे साफ-सुथरे गांव का ताज भी मिल चुका है। इस गांव के आस पास के इलाके में प्लास्टिक बैग और स्मोकिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस गांव घर से लेकर लगभग सभी चीज़ें बांस की लकड़ी के द्वारा बनाई गई हैं. सिर्फ 95 परिवारों वाले इस गांव में ज्यादातर लोग अंग्रेजी में बात करते हैं। यहां की साक्षरता दर 100 प्रतिशत है.  वाटरफॉल, लिविंग रूट ब्रिज (पेड़ों की जड़ों से बने ब्रिज) और बैलेंसिंग रॉक्स से भरपूर इस गांव को 'गॉड्स ओन गार्डन' के नाम से भी जाना जाता है।

5- श्‍याम गांव:- असम के जोरहाट जिले में स्थित यह गांव सैलानियों के आकर्षण का केंद्र है। बौद्ध विरासत को पूरी तरह से अपने में समेटे यह गांव प्राचीन बौद्ध मंदिर के लिए प्रसिद्द है। यहां आकर आप ध्यान और अध्यात्म की दुनिया से रूबरू हो पाएंगे। साथ ही, आप यहां छारा फॉरेस्ट एरिया और सिंगफन वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी का लुत्फ भी उठा सकते हैं।

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