विकसित देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के पूरे नाम जानिए, NASA तो सुना ही होगा?

विकसित देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों के पूरे नाम जानिए, NASA तो सुना ही होगा?

अंतरिक्ष से जुडी हर जानकारी हमें अंतरिक्ष एजेंसियों के माध्यम से पता चलती है। दुनिया के विकसित देश आज धरती से ज्यादा अंतरिक्ष को कब्जियाने पर ध्यान दे रहे हैं और यह काम अंतरिक्ष एजेंसियों के ज़रिए ही संभव हो पा रहा है।

अंतरिक्ष रहस्यमई है, अनंत है, अथाह है। दुनियाभर के वैज्ञानिक इसके रहस्य से पर्दा उठाने कोशिश में लगे रहते हैं. लेकिन ये वैज्ञानिक अकेले दम पर यह सब नहीं करते, उनकी मदद उनके देश की सरकारें करती हैं। कई देशों ने अपनी-अपनी अंतरिक्ष एजेंसियों का गठन कर रखा है ताकि वे अंतरिक्ष में अपनी पकड़ को मजबूत बना सकें। अपनी इन्हीं एजेंसियों की मदद से कुछ देश चन्द्रमा और मंगल गृह तक पहुंच चुके हैं। अंतरिक्ष में कई तरह के सैटलाइट्स प्रच्छेपित कर चुके हैं जिनसे कई तरह की असंभव लगने वाली जानकारियां संभव तौर पर प्राप्त हो पा रही हैं। कुछ विकसित देश तो विकसित ही अपनी ताकतवर अंतरिक्ष एजेंसियों की वजह से कहलाते हैं। अंतरिक्ष एजेंसियां ही उनकी असल ताकत हैं।

तो आइये दुनिया की कुछ प्रमुख अंतरिक्ष एजेंसियों को संक्षिप्त रूप में जानते हैं...

NASA(नासा)-

यह दुनिया की सबसे एडवांस्ड अंतरिक्ष एजेंसी मानी जाती है। पूरी दुनिया इसका लोहा मानती है। अमेरिका को सबसे ताकतवर देश बनाने में इस एजेंसी का प्रमुख योगदान है। अमेरिका की सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी NASA भले ही स्पेस में रिसर्च करने वाली पहली अंतरिक्ष एजेंसी नहीं है, लेकिन पृथ्वी से बाहर अंतरिक्ष में सबसे अधिक विमान इसी एजेंसी द्वारा भेजे गए हैं। नासा(NASA) का पूरा नाम 'राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन' (National Aeronautics and Space Administration) है। NASA का पहला स्पेस मिशन (NASA's first space mission) 'प्लूटो (Pluto)' था।

JAXA (जाक्सा)-

रैंकिंग के आधार पर देखें तो NASA के बाद सबसे पहुंची हुई स्पेस एजेंसियों की लिस्ट में दूसरा नाम है, वह है- जापान की JAXA। इसका असल स्वरुप 2003 में सामने आया। तानेगाशिमा स्पेस सेंटर जाक्सा (JAXA) का प्रमुख प्रक्षेपण स्थल है। यहां उपग्रहों और प्रक्षेपण यान का परीक्षण, संचालन एवं विकास किया जाता है। JAXA का फुल फॉर्म जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (Japan Aerospace Exploration Agency) है।

ISRO (इसरो)-

भारत की स्पेस एजेंसी है जिसका पूरा नाम भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (INDIAN SPACE RESEARCH ORGANISATION) है। भारत के राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संस्थान (ISRO) का मुख्यालय कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में है। स्थापना 15 अगस्त 1969 को की गई थी। आज दुनिया की जानी स्पेस एजेंसी बन चुकी है। इसरो ने Airbus, Google जैसी नामी कंपनियों के सेटेलाइट भी लॉन्च किए हैं। कहते हैं, जितने भारतीय वैज्ञानिक नासा के लिए काम करते हैं अगर भारत वापस आ जाएं तो इसरो दुनिया की सबसे विकसित स्पेस एजेंसी बन जाएगी।

CNSA-

C फॉर चीन. अमेरिका की सरकारी अंतरिक्ष एजेंसी NASA की तरह ही CNSA चीन की स्पेस एजेंसी है। CNSA दुनिया की तीसरी ऐसी स्पेस एजेंसी है जिसने मानव अंतरिक्ष में भेजा था। CNSA का फुल फॉर्म है China National Space Administration(चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन) है। इंसान को अंतरिक्ष में भेजना ही इसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है लेकिन अभी यह एजेंसी कई असंभव से लगने वाले प्रोग्राम्स पर काम कर रही है।

ROSCOSMOS (रोसकॉस्मोस)-

नासा की तरह ही दुनिया में फेमस है रूस की अंतरिक्ष रोसकॉस्मोस। इस एजेंसी की स्थापना 25 फरवरी 1992 को हुई थी। ROSCOSMOS का फुलफॉर्म है- The Roscosmos State Corporation for Space Activities (अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए रोस्कोस्मोस स्टेट कॉरपोरेशन)। सटीकता से किये गए अंतरिक्ष प्रोग्राम्स के लिए जानी जाती है।

UKSA (उक्सा)-

ब्रिटेन की स्पेस एजेंसी। ब्रिटेन की सरकार इस पर बड़ा खर्चा करती है।फुलफॉर्म United Kingdom Space Agency (यूनाइटेड किंगडम अंतरिक्ष एजेंसी) है।मुख्यालय स्वीडेन में है और इसकी स्थापना 23 मार्च 2010 को हुई थी।

SUPARCO (सुपार्को)-

ये अपने पड़ोसी दुश्मन देश पाकिस्तान की राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसन्धान संस्थान है जिसका मुख्यालय कराची (सिंध) में स्थित है।संस्थान का स्थापना दिवस 16 सितम्बर 1961 है। SUPARCO का फुलफॉर्म SPACE AND UPPER ATMOSPHERE RESEARCH COMMISSION (अंतरिक्ष और ऊपरी वायुमंडल अनुसंधान आयोग)। कोई चर्चित एजेंसी नहीं है दुनिया को सुपार्को का सु भी नहीं पता, लेकिन हमारा जान पहचान का देश है इसलिए ज़िक्र कर दिया।

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