टोक्यो पैरालंपिक: 19 वर्षीय मनीष ने गोल्ड और सिंहराज अदाना ने सिल्वर पर कब्ज़ा किया

BA फर्स्ट ईयर के छात्र मनीष नरवाल ने गोल्ड को कब्जियाने के लिए कुल 218.2 पैरालंपिक रिकॉर्ड की शूटिंग की। वहीं बीते मंगलवार को पी 1 पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच 1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीत चुके अदाना ने 216.7 की शूटिंग के साथ अपनी किटी में एक रजत जोड़ लिया है।
टोक्यो पैरालंपिक: 19 वर्षीय मनीष ने गोल्ड और सिंहराज अदाना ने सिल्वर पर कब्ज़ा किया
Input- PTI

भारतीय पैरा-एथलीटों ने मौजूदा टोक्यो पैरालिंपिक में अपना दबदबा कायम रखा है. आज यानि शनिवार को भारतीयों ने दो और पदक अपने नाम कर लिए हैं। 19 वर्षीय निशानेबाज मनीष नरवाल ने मिक्स्ड 50 मीटर पिस्टल एसएच1 स्पर्धा में गोल्ड और सिंहराज सिंह ने सिल्वर पदक पर कब्ज़ा कर लिया है।

मौजूदा पैरालिंपिक में यह भारत का तीसरा स्वर्ण है। 19 वर्षीय नरवाल ने सोने मेडल को अपने कब्जे में लेने के लिए कुल 218.2 का पैरालंपिक रिकॉर्ड बनाया, जबकि बेटे मंगलवार को पी 1 पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच 1 स्पर्धा में कांस्य कांस्य पदक जीतने वाले अदाना ने कुल 216.7 के प्रयास के साथ अपनी किटी में एक रजत जोड़ लिया है। वहीं, रशियन पैरालिंपिक कमेटी के सर्गेई मालिशेव ने 196.8 के प्रयास से कांस्य पदक अपने नाम किया।

इससे पहले क्वालीफाइंग दौर में, अदाना 536 के कुल स्कोर के साथ चौथे स्थान पर पहुंचे थे, जबकि नरवाल ने 533 अंक के साथ असका शूटिंग रेंज में सातवें स्थान पर क्वालीफाई किया था। एक और भारतीय खिलाड़ी आकाश क्वालीफाइंग दौर में 27वें स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाने में असफल रहे।

चूंकि पिस्तौल केवल एक हाथ से पकड़ी जाती है, SH1 श्रेणी के एथलीटों में एक हाथ और/या पैर को प्रभावित करने वाली हानि होती है, उदाहरण के लिए अंगविच्छेदन या रीढ़ की हड्डी की चोटों के परिणामस्वरूप। P4 मिश्रित 50 मीटर एयर पिस्टल प्रतियोगिता के लिए एक वर्गीकरण है।

कुछ निशानेबाज बैठने की स्थिति में प्रतिस्पर्धा करते हैं, जबकि अन्य नियमों में परिभाषित स्टैंडिंग पोजीशन में लक्ष्य पर निशाना साधते हैं।

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