फॉर्म 16 के बारे में आपको क्या पता है?

फॉर्म 16 के बारे में आपको क्या पता है?

Ashish Urmaliya | The CEO Magazine

अगर आप नौकरी करते हैं तो आपने फॉर्म 16 के बारे में जरूर सुना होगा। आयकर कानून में कई तरह के फार्मों का जिक्र मिलता है लेकिन फॉर्म 16 की कुछ अलग ही अहमियत है। यह फॉर्म नौकरी देने वाला संस्थान जारी करता है। कर्मचारियों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है क्योंकि जब भी किसी कर्मचारी को आयकर रिटर्न भरना होता है तब यह फॉर्म काफी मददगार साबित होता है। इसके अलावा भी फॉर्म नंबर 16 के कई अन्य महत्वपूर्ण उपयोग हैं जिनके बारे में हम आगे जानने वाले हैं।

दरअसल, यह फॉर्म 16 एक सर्टिफिकेट की तरह होता है जो कंपनियां अपने एम्प्लाइज को जारी करती हैं। फॉर्म 16 कर्मचारी की सैलरी के काटे गए TDS(Tax Deducted at Source)  को बताता है। इससे कर्मचारियों को ये जानने को मिलता है, कि टीडीएस का पैसा काट कर सरकार को जमा कर दिया गया है।

यह फॉर्म दो हिस्सों में होता है- पार्ट A और पार्ट B

-पार्ट A में संस्थान का TAN(Tax Deduction and Collection Account Number), संस्थान और कर्मचारी का PAN, पता, निर्धारण वर्ष, रोजगार की कुल अवधि और कंपनी द्वारा एम्प्लोयी की सैलरी से काट कर जमा किये टीडीएस का ब्यौरा होता है।

-पार्ट B की बात करें, तो इसमें सैलरी का ब्रेकअप, क्लेम किये गए डिडक्शन, सैलरी से काटे गए टैक्स व कुल कर योग्य आय का ब्यौरा शामिल होता है।

किसी भी संस्थान के लिए यह फॉर्म जारी करना जरूरी होता है। अगर साल के बीच में ही कोई कर्मचारी अपनी नौकरी बदलता है तो संस्थान को यह फॉर्म बीच में ही जारी करना होता है। कुल मिला कर मान लें, तो फॉर्म 16 आपकी इनकम के सबूत की तरह होता है। जहां भी आपकी इनकम से जुड़ी बात होगी आपको फॉर्म 16 की जरूरत होगी।

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