आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा ‘प्रदुषण’

आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा ‘प्रदुषण’
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आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावमें सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा 'प्रदुषण'

Ashish Urmaliya ||Pratinidhi Manthan

एकइंटरनेट आधारित मार्केट रिसर्च और डाटा एनालिटिक्स YouGov द्वारा एक खास सर्वे कियागया है। इस सर्वे में लोगों से सवाल पुछा गया था, कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदानके दौरान वे अपने जेहन में किस मुद्दे को सबसे ऊपर रखेंगे। सर्वे में खुलासा हुआ कि,दिल्ली में रहने वाले 10 में से 8 लोग प्रदूषण के मुद्दे को सबसे ऊपर रखने वाले हैं।

इससर्वे में दिल्ली के 61 प्रतिशत लोगों ने कहा, कि शहर में प्रदूषण को लिए केंद्र औरदिल्ली सरकार दौनों की ज़िम्मेदार हैं। प्रति 6 में से एक व्यक्ति ने कहा कि इस मुद्देपर केंद्र सरकार को ध्यान देना चाहिए, जबकि अधिकतर लोगों का मानना है कि प्रदूषण दिल्लीसरकार की ज़िम्मेदारी है। आपको तो पता ही है, कि दिल्ली में प्रदूषण को लेकर हालात कितनेखराब हैं। दिल्ली का बढ़ता प्रदूषण देश-दुनिया के अख़बारों की सुर्खियां बना हुआ है।

अस्पतालों में फिर बढ़े मरीज-

घोरप्रदूषण के चलते अस्पतालों में एक बार फिर सांस की समस्या के मरीज 20 फीसदी तक बढ़ गएहैं। इनमें से करीब एक चौथाई मरीज ऐसे हैं जिन्हें पहले कभी सांस की बीमारी नहीं थी।बड़े अस्पतालों के वक्ताओं के मुताबिक, प्रदूषण बढ़ने पर अस्पताल की इमरजेंसी में अचानकमरीज बढ़ जाते हैं। ज्यादातर मरीजों को सांस लेने में परेशानी व अस्थमा अटैक होता है।कई डॉक्टर प्रदूषण की समस्या को लेकर अपनी चिंता जाहिर कर रहे हैं उनके मुताबिक, उनकेबच्चे भी सांस के मरीज हो रहे हैं। एम्स अस्पताल के सहायक प्रोफेसर डॉ. विजय गुर्जरने बताया, कि प्रदूषण बुजुर्गों व बच्चों के लिए अधिक हानिकारक है इसलिए उन्हें घरसे बहुत कम ही बाहर निकलना चाहिए।   

बचाव के लिए यह करें उपाय-

–अधिक से अधिक तरल पदार्थों का इस्तेमाल करें।

–धूम्रपान बिलकुल भी न करें, क्योंकि प्रदुषण के समय धूम्रपान से हालत और भी बदतर होसकती है। 

–ऐसी स्थिति में जब कुछ ज्यादा ही जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकलें।

–बचाव के लिए एन-95 से अधिक नंबर वाले मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

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