‘डॉक्टर बम’ के नाम से जाना जाता है यह आतंकी, 50 से ज्यादा ब्लास्ट

‘डॉक्टर बम’ के नाम से जाना जाता है यह आतंकी, 50 से ज्यादा ब्लास्ट

Ashish Urmaliya ||Pratinidhi Manthan

देशभर में सीरियल ब्लास्ट कोअंजाम देने वाला आतंकी 'जलीस अंसारी' अचानक से लापता हो गया है। और यह बात देश की सुरक्षाकी द्रष्टि से बेहद खतरनाक है।

आतंकीसंगठन इंडियन मुजाहिद्दीन और सिमी से जुड़ा हुआ आतंकी Jalees Ansari अजमेर की जेल मेंसजा काट रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह पैरोल पर बाहर था और अपने परिवार वालों से मिलनेमुंबई गया था। लेकिन पैरोल ख़त्म होने के ठीक एक दिन पहले पुलिस को घरवालों से पता चलाकि वह अचानक से गायब हो चुका है। बता दें, Ansari ने देशभर में 50 से ज्यादा बम धमाकोंको अंजाम दिया था। वह जयपुर ब्लास्ट, अजमेर ब्लास्ट और मालेगांव ब्लास्ट में भी दोषीपाया गया है।

तो आइये जानते हैं, आतंकी जलीसअंसारी को 'डॉक्टर बम' क्यों कहा जाता था और उस पर कौन-कौन से आरोप थे। 

–आतंकी जलीस अंसारी को लोग Doctor Bomb के नाम से जानते थे। ऐसा इसलिए क्योंकि वह एकक्वालिफाइड एमबीबीएस डॉक्टर था। फर्क सिर्फ इतना था कि उसको लोगों की जान बचाने कीवजाय जान लेने में महारथ हासिल थी। इलाज की जगह बम बनाने और धमाकों का एक्सपर्ट था।देशभर में उसने 50 से ज्यादा सीरियल ब्लास्ट किये, जिसमें सैकड़ों निर्दोषों की जानगई। लिहाजा आतंकियों के बीच उसका नाम डॉक्टर बम पड़ गया।

–इन दिनों अंसारी Ajmer की जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। 5 और 6 दिसंबरको उसने राजस्थान में 6 अलग-अलग लोकेशन पर ब्लास्ट कराया था। जिनमे कई लोगों की जानगई थी।

–सबसे पहली बार, साल 1994 में अंसारी को सीबीआई ने राजधानी एक्सप्रेस में बम प्लांटकरने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

–बाबरी मस्जिद ढहने के बाद अंसारी ने पुणे में अपने साथियों के साथ मिलकर शहर के कईहिस्सों में बम प्लांट किये थे।

–अंसारी ने मालेगांव की गिरना नदी में प्रयोग के तौर पर ब्लास्ट कराया था, इस केस मेंकोर्ट ने उसे 10 साल की सजा सुनाई थी।

–वह Indian Mujahideen और सिमी जैसे आतंकी संगठनों के साथ जुड़ा था और इन्ही संगठनोंने उसे बम बनाने की ट्रेनिंग दी थी।

–अजमेर केंद्रीय जेल से अंसारी को 21 दिनों की पैरोल पर रिहा किया गया था। बीते शुक्रवारउसे जेल प्रशासन के समक्ष समर्पण करना था।

–  पैरोल के दौरान उसे रोजाना सुबह साढ़े 10 से 12 बजेके बीच मुंबई के अग्रीपाडा ठाणे में हाजरी लगाने को कहा गया था। लेकिन गुरुवार को वहनिर्धारित समय पर थाने नहीं पहुंचा। अभी तह सुरक्षा एजेंसियों को अंसारी का कोई सुरागनहीं मिला है।

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