बदलने वाले हैं Debit-Credit कार्ड से जुड़े ये नियम

बदलने वाले हैं Debit-Credit कार्ड से जुड़े ये नियम

Ashish Urmaliya || Pratinidhi Manthan

डेबिट या क्रेडिट कार्ड (Credit-Debit Card) में से कुछ न कुछ तो इस्तेमाल करते ही होंगे आप, इसलिए यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। दरअसल,

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) आपके डेबिट क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव करने जा रहा है। अगर आपने अपने डेबिट-क्रेडिट कार्ड से 16 मार्च तक कोई ऑनलाइन या कॉन्टैक्टलेस ट्रांज़ैक्शन नहीं किया है, तो आपके कार्ड की ये सुविधा बंद की जा सकती है। इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपके कार्ड में ये सुसुविधाएं चालू रहें, तो 16 मार्च से पहले कम से कम एक बार इस सुविधा का उपयोग जरूर कर लें। इसके अलावा और भी कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। आइये जानते हैं…

RBI के नए नियमों के तहत आप… 

– चौबीस घंटे सातों दिन (24/7) किसी भी समय अपने कार्ड को ऑन-ऑफ कर पाएंगे। इसके साथ ही ट्रांजैक्शंस लिमिट में भी बदलाव कर पाएंगे।

– इसके लिए आप मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग या एटीएम या आईवीआर का सहारा ले सकते हैं। हालांकि ये नए नियम प्रीपेड गिफ्ट कार्ड्स और मेट्रो कार्ड पर लागू नहीं होंगे।

– सभी तरह की सेवाओं की शुरुआत बैंक में आवेदन करने के बाद ही होगी। अब तक बैंक इन सभी सेवाओं को बिना डिमांड के भी शुरू कर देते थे।

– RBI ने सुझाया है, कि कार्ड इश्यू/रीइश्यू कराते वक्त देश में एटीएम और पीओएस टर्मिनल पर केवल डोमेस्टिक कार्ड्स से ही ट्रांज़ैक्शन को मंजूरी दें। कहने का मतलब, जिन लोगों को विदेश आना जाना नहीं होता उनको ओवरसीज फैसिलिटी नहीं मिलेगी क्योंकि उनको जरूरत भी नहीं है।  

कॉन्टैक्टलेस ट्रांजैक्शन सुविधा जितनी फायदेमंद है उससे कहीं ज्यादा नुकसानदायक-

दरअसल कॉन्टैक्टलेस ट्रांज़ैक्शन टेक्नोलॉजी की मदद से आप कार्ड को बिना मशीन में स्वाइप किये कुछ दूरी से ही ट्रांज़ैक्शन कर सकते हैं। पॉइंट ऑफ़ सेल (POS) नाम की एक मशीन होती है, कार्ड को इस मशीन से सटाने मात्र से ही पेमेंट हो जाता है। कॉन्टैक्टलेस कार्ड्स में दो तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

1. नियर फील्ड कम्युनिकेशन 

2. रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन

जब इस तरह के कार्ड को मशीन के पास ले जाया जाता है तो पेमेंट अपने आप हो जाता है।

इस सुविधा से समय की बचत होती है, आप इसके जरिये कुछ निर्धारित राशि का ट्रांज़ैक्शन कर पाते हैं। इसमें आपको कार्ड को स्वाइप नहीं करना होता और ना ही पिन डालना होता हुई। आप कार्ड को मशीन के पास ले जायेंगे और पेमेंट हो हो जाएगी।

नुकसान भी इसके बहुत हैं, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान यह है कि अगर गलती से भी आपका कार्ड कहीं छूट गया, एटीएम मशीन में या फिर कहीं भी और वह कार्ड किसी गलत हाथ में चला गया, तो समझों आपको हजारों रूपए से हाथ धोना पड़ जायेगा।

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