SBI सिक्योरिटी अलर्ट! आता है किसी भी बैंक का कॉल,  तो ऐसे दें जबाब

SBI सिक्योरिटी अलर्ट! आता है किसी भी बैंक का कॉल,  तो ऐसे दें जबाब

SBI सिक्योरिटी अलर्ट! आता है किसी भी बैंक का कॉल,  तो ऐसे दें जबाब

Ashish Urmaliya | The CEO Magazine

 भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (टीआरएआई) के अनुसार, अनचाही कमर्शियल, फेक और स्पैम कॉल्स पूरे देश के लोगों के लिए एक बड़़ी समस्‍या बन गई हैं। आये दिन इन कॉल्स के ज़रिये ठगी की घटनायें सामने आ रही हैं. लोगों को कई तरह के तरीकों का इस्तेमाल करके लूटा जा रहा है। इसी समस्या को मद्देनजर रखते हुए हाल ही में भारतीय स्टेट बैंक(SBI) ने एक ट्वीट के ज़रिये ये बताने की कोशिश की है, कि अगर ऐसा कोई कॉल उनके ग्राहकों के पास आता है तो उन्हें किस तरह का जबाब देना चाहिए।

SBI ने अपने ट्वीट में लिखा है, कि अगर आपको किसी अनजान नंबर से कॉल आता है और वह कहता है कि मैं फलाना बैंक से बोल रहा हूं, तो आप उसे ऐसे जबाब दें कि फिर वह दोबारा आपको कॉल न कर सके।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) हमेशा से ही अपने ग्राहकों की वित्तीय सुरक्षा को लेकर चिंतित रहा है और ग्राहकों को बैंकिंग फ्रॉड से बचाने के लिए निरंतर कोशिश करता आया है। एसबीआई का कहना है कि, बैंक अपने ग्राहक को कभी भी किसी भी तरह का डिटेल्स मांगने से सम्बंधित कॉल नहीं करता है। अगर ऐसा कोई फेक कॉल आपके पास आता है और आपके खाते से जुड़ी कोई भी जानकारी मांगता है तो आप उसे मनचाहा जबाब देने के लिए बिलकुल आजाद हैं। ताकि वह दोबारा आपको कॉल करने की हिम्मत न कर सके. बस आपको किसी भी तरह की लालच में आकर अपनी कोई भी निजी जानकारी उसके साथ साझा नहीं करनी है।

हालांकि आज-कल कई तरह के वित्तीय फ्रॉड्स निकल कर सामने आ रहे हैं, लेकिन आपको मुख्य रूप से बैंक व ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फ्रॉड्स से बचने की खास ज़रुरत है। इसके लिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। जैसे

1-अपने कार्ड की दोनों तरफ की फोटो कॉपी कभी किसी को न दें। क्योंकि आपके कार्ड की ऊपरी सतह पर कार्ड नंबर और निचली सतह पर कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू (सीवीवी) लिखा हुआ होता है जो ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए बेहद जरूरी होता है। लिहाजा आपके कार्ड नंबर और सीवीवी की मदद से आपके खाते का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है।

2- आपको दिन में कई सारे मेल्स आते होंगे, इनमें से कुछ फिशिंग मेल्स भी होते हैं जो जालसाजों और ठगों द्वारा भेजे जाते हैं। ऐसे फिशिंग ई-मेल लिंक्स आपके अकाउंट से जुडी व अन्य निजी दस्तावेजों से जुड़ी जानकारियां मांगते हैं। इन पर कभी क्लिक न करें।

3- कार्ड से ऑनलाइन-पेमेंट करते वक्त अच्छी तरह से परख लें कि वेबसाइट सिक्योर है या नहीं। इसका पता आप वेबसाइट के डोमेन नेम से भी लगा सकते हैं। अगर वेबसाइट का डोमेन नेम https: है तो वह सुरक्षित है और अगर किसी वेबसाइट के डोमेन नेम के अंत में 's' नहीं है और सिर्फ http: है तो वह सुरक्षित नहीं है। जरा सा भी संदेह होने पर किसी एक्सपर्ट की सहायता लें और वेबसाइट के बारे में इंटरनेट पर जानकारी प्राप्त करें।

4-फोन पर टेलीमार्केटिंग कंपनियों व अन्य किसी को भी अकाउंट डिटेल्स की जानकारी ना दें।

5- अगर आपको डेबिट या क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट वक्त पर नहीं मिलता तो बैंक से संपर्क करें।

6- कार्ड खो जाने की स्थिति में बिना देरी किये अपने सम्बंधित बैंक के कस्टमर केयर एक्सिक्यूटिव से संपर्क करें या फिर ऑनलाइन साइट पर जाकर कार्ड कैंसिल कराएं।

7- पुराने एटीएम कार्ड स्टेटमेंट, बैंक स्टेटमेंट, क्रेडिट कार्ड एप्लिकेशन, बिल आदि को संभाल कर रखें या फिर इन्हें छोटे टुकड़ों में फाड़कर फेंक दें। ये सब किसी अन्य व्यक्ति के हाथ आने पर आपकी व्यक्तिगत जानकारी का गलत इस्तेमाल हो सकता है।

इतनी एहतियात बरतने के बाद भी अगर आपको ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन से जुड़ा कोई भी खतरा महसूस होता है तो तुरंत बैंक से संपर्क करें।

Pratinidhi Manthan
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