प्लास्टिक बैन पर सरकार का प्लान जान लीजिये!  

प्लास्टिक बैन पर सरकार का प्लान जान लीजिये!

Ashish Urmaliya || The CEO Magazine

देश में एक के बाद एक बदलाव आ रहे हैं चाहे वह स्वछता अभियान के लिए मोदी जी को अमेरिका द्वारा पुरुस्कृत करने के लिए नामांकित किया जाना हो या फिर इकॉनमी स्लोडाउन। कुछ हमारे लिए अच्छे हैं तो कुछ परेशानी भरे। फिलहाल मोदी जी का फोकस है देश में प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने में। और इसके लिए प्रधानमंत्री पूरे देश के लगातार अपील भी कर रहे हैं। अभी हाल ही में एयर इंडिया ने भी प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने का ऐलान कर दिया है।

जैसा कि हम सभी जानते हैं, कि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए कितना हानिकारकर है, यह विघटित होने में करीब 1000 साल तक का वक्त लेता है। सिंगल यूज प्लास्टिक हमारे और पर्यावरण दोनों के लिए ठीक नहीं है। इससे होने वाले नुकसान तुरंत नजर नहीं आते, लेकिन इससे होने वाले दूरगामी प्रभाव बेहद गंभीर होते हैं। और इसी गंभीरता को मद्देनज़र रखते हुए सरकार सिंगल यूज प्लास्टिक की पानी बोतल समेत डिस्पोजेबल प्लास्टिक वस्तुओं को प्रतिबंधित करने का ऐलान जल्द ही कर सकती है। जानकारी के मुताबिक, आने वाले दो हफ़्तों में प्लास्टिक पानी बोतल को लेकर अहम सरकारी बैठक होने वाली है। इस बैठक में सम्बंधित विभाग से सचिव मौजूद होंगे। इस मीटिंग का उद्देश्य सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को बंद करने के संभावित उपाय और इसकी जगह कोई दुसरे विकल्प तलाशना होगा।

जानकारी के मुताबिक़, सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगने की तारिख 2 अक्टूबर है. इसके साथ ही, सरकार ने सभी मंत्रालयों को सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के निर्देश भी दे दिए हैं। सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं, कि वह अपने NHAI (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया) के तहत हाइवे से प्लास्टिक इकठ्ठा करे और उसका उपयोग रोड कंस्ट्रक्शन के लिए किया जाये।

इसके अलावा पर्यटन मंत्रालय को निर्देश दिए गए हैं, कि सभी पर्यटन स्थलों जैसे ताजमहल, लाल किला, इंडिया गेट आदि पर सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ एंट्री और बेचे जाने पर प्रतिबंध लगा दे। इसके साथ ही सभी सरकारी कार्यक्रमों और मंत्रालयों में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक लगे। पर्यावरण मंत्रालय की बात करें तो उसको देशभर के सभी पहाड़ी क्षेत्रों में जमा प्लास्टिक के अंबारों को ख़त्म करने के निर्देश दिए गए हैं।

साथ ही रेलवे मंत्रालय को निर्देशित किया गया है कि देश के सभी रेलवे स्टेशनों पर सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रवेश और उपयोग पर रोक लगा दी जाये। और इसके लिए रेलवे को जन जागरूकता अभियान चलाने को भी कहा गया है। KVIC कड़ी ग्रामोद्योग/कपड़ा मंत्रालय को आदेशित किया गया है कि जूट या कपडे के बैग व पेपर बैग के प्रोडक्शन को बढ़ावा दिया जाए, ताकि यह सभी को कम दामों पर आसानी से उपलब्ध हो सकें।

बैन की ज़रूरत क्यों?

जलवायु में बहुत ही तेजी से परिवर्तन आ रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के चलते बिगड़ता पर्यावरण दुनिया के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण बन कर उभरा है। और इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण प्लास्टिक है। ऐसे में प्लास्टिक से पैदा होने वाले प्रदुषण को रोकने और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट जैसी बड़ी समस्या से उबरने के लिए सरकार द्वारा यह कदम उठाया जा रहा है। दुनिया में हर साल लाखों टन प्लास्टिक का उत्पादन हो रहा है, जो बायोडिग्रेडेबल नहीं है। साधारण भाषा में कहें तो यह मिट्टी या पानी, किसी के साथ भी नहीं घुलता मिलता। बस इसीलिए दुनियाभर के देश सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने के लिए कठोर रणनीति बना रहे हैं। जिसमे अब भारत भी पूरी तरह से शामिल हो चुका है।

हाल ही में एक खबर आई है, जिसमें एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया(AAI) ने जानकारी दी है, कि देश के 55 एयरपोर्ट सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त कर दिए गए हैं, जो कि बहुत अच्छी खबर है।

Pratinidhi Manthan
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