दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण और सुगम बनाना है आवश्यक-बालकृष्णान

कोलकाता से अपनी पदयात्रा प्रारंभ की थी
दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण और सुगम बनाना है आवश्यक-बालकृष्णान
दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित वातावरण और सुगम बनाना है आवश्यक-बालकृष्णान

दतिया/ दिव्यांग जनों के लिए बाधा रहित वातावरण को और सुगम बनाने की आवश्यकता है उक्त बात श्रीमती गीता बालाकृष्णन द्वारा कही गई जोकि वास्तुकारों को जगरूक करने हेतु कोलकाता से दिल्ली तक पदयात्रा कर रही हैं इसी दौरान श्रीमती बालाकृष्णन दतिया से भी गुजरी जहां उनके द्वारा दृष्टिबाधित दिव्यांग हर्षवर्धन दुबे से भी बातचीत कर यह जानने का प्रयास किया की दृष्टिबाधित दिव्यांग जनों की सुविधा हेतु बाधा रहित वातावरण को किस प्रकार सुगम बनाया जा सकता है एवं नई बनने वाली इमारतों में दिव्यांग जनों के लिए किस प्रकार की सुविधाएं और बढ़ाई जा सकती हैं श्री हर्ष दुबे द्वारा अपने अनुभव श्रीमती बालाकृष्णन के सम्मुख प्रस्तुत किए गए कार्यक्रम के अंत में इंटेक एवं श्री वंश गोपाल लोक कल्याण समिति द्वारा संयुक्त रुप से शाल एवं श्रीफल द्वारा सम्मानित किया गया इस अवसर पर श्रीमती बालाकृष्णन द्वारा बताया गया कि 22 फरवरी को कोलकाता से अपनी पदयात्रा प्रारंभ की थी अभी वह 368 किलोमीटर दूर है दिल्ली पहुंचने से उन्होंने बताया कि 24 अप्रैल को उनका दिल्ली पहुंचना प्रस्तावित है कार्यक्रम के दौरान अरुण सिद्ध गुरु शांतनु चौधरी (फोटोग्राफर) परमेश्वर हलधर (वीडियोग्राफर) धनराज लोहारिया विनायक वाचिंदे (इवेंट मैनेजर) विनोद मिश्रा वैभव खरे आदि जन उपस्थित रहे।

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