स्वतंत्रता दिवस: PM ने की 'प्रधानमंत्री गतिशक्ति मिशन' शुरू करने की घोषणा, संबोधन की सभी महत्वपूर्ण बातें जानिए

स्वतंत्रता दिवस: PM ने की 'प्रधानमंत्री गतिशक्ति मिशन' शुरू करने की घोषणा, संबोधन की सभी महत्वपूर्ण बातें जानिए

Independence day: गतिशक्ति मिशन, प्रधानमंत्री ने कहा, सरकार स्थानीय निर्माताओं को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करेगी और भविष्य के नए आर्थिक क्षेत्रों की संभावनाओं को भी विकसित करेगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर रविवार के दिन युवाओं के लिए रोजगार के अवसर लाने और समग्र बुनियादी ढांचे के विकास में मदद करने के लिए 100 लाख करोड़ रुपये की 'गतिशक्ति' पहल की घोषणा की है। भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत 'प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान' शुरू करेगा।

गतिशक्ति, उन्होंने कहा, यह मिशन स्थानीय निर्माताओं को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करेगा और भविष्य के नए आर्थिक क्षेत्रों की संभावनाओं को भी विकसित करेगा।

PM ने कहा कि भारत ने सात साल पहले 8 अरब डॉलर मूल्य के मोबाइल फोन आयात किए थे और अब वह 3 अरब डॉलर मूल्य के मोबाइल फोन का निर्यात कर रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ, भारत को बुनियादी ढांचे के निर्माण में समग्र दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है, प्रधान मंत्री ने तिरंगा फहराने के बाद अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में जोर दिया।

उन्होंने सवा सौ करोड़ देशवासियों से कहा, "हमें अत्याधुनिक नवाचार और नए युग की तकनीक का उपयोग करके विश्व स्तर के उत्पादों के निर्माण के लिए मिलकर काम करना होगा।" साथ ही मोदी ने कहा कि सरकार का ध्यान छोटे किसानों को समृद्ध बनाने पर है, देश में 80 प्रतिशत से अधिक छोटे किसान हैं जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है, वही देश का असल गौरव हैं।

मोदी ने कहा, "हम अपने गांवों में तेजी से बदलाव देख रहे हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि गांवों में भी डिजिटल उद्यमियों का पोषण किया जा रहा है। प्रधान मंत्री ने घोषणा की कि 'आजादी के अमृत महोत्सव' के 75 सप्ताह में, 75 'वंदे भारत' ट्रेनें देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ेंगी। पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानियों को जल्द ही रेलवे से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र बांग्लादेश, म्यांमार और दक्षिण पूर्व एशिया से भी जुड़ रहा है।

मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का विकास जमीन पर दिखाई दे रहा है, परिसीमन की कवायद जारी है और वहां विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है। दलितों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े और सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है और इस बात पर जोर दिया कि वंचित समुदायों का हाथ थामा जाये.

प्रधान मंत्री ने कहा, "हमें गांवों और शहरों में जीवन के बीच की खाई को पाटना है।" उन्होंने कहा कि 'जल जीवन मिशन' के दो साल के भीतर 4.5 करोड़ से अधिक नए घरों में पाइप से जलापूर्ति की गई है।

प्रधानमंत्री ने नए भारत के निर्माण के लिए 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' के साथ 'सबका प्रयास' का आह्वान किया। मोदी ने कहा कि भारत को अगले 25 वर्षों के लिए नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है।

प्रधान मंत्री ने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम भारत की आजादी के 100 साल पूरे होने पर आत्मानिर्भर भारत के निर्माण के अपने लक्ष्य को पूरा करें।" मोदी ने जोर देकर कहा कि यह दिन केवल एक समारोह नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोग गर्व महसूस कर सकते हैं कि देश में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड टीकाकरण कार्यक्रम चल रहा है। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों के साथ-साथ वैक्सीन निर्माण में शामिल लोगों और COVID-19 से लड़ने में शामिल अन्य लोगों की सराहना की।

विभाजन का दर्द पिछली सदी की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक था, प्रधान मंत्री ने कहा कि 14 अगस्त को विभाजन भयावह स्मरण दिवस के रूप में याद किया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने भारत के ओलंपिक दल की भी सराहना की, जो लाल किले में मौजूद था, और कहा कि उनके प्रदर्शन ने देश के युवाओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने देश की बच्चियों को भी आश्वासन दिया है कि 'देश की बच्चियों के लिए सभी सैनिक स्कूलों के दरवाजे खोल दिए जायेंगे।

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