IL&FS Case: 1 लाख करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

IL&FS Case: 1 लाख करोड़ के घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

चेन्नई, तमिलनाडु पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा जारी बयान में जानकारी दी गई है कि IL&FS के पूर्व चेयरमैन और एमडी रवि पार्थसारथी (Ravi Parthasarathy) को गिरफ्तार कर लिया गया है। 63 मून्स टेक्नोलॉजी लिमिटेड (63 Moons Technologies Ltd) कंपनी ने की थी इसकी शिकायत।

चेन्नई, तमिलनाडु पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) ने 1 लाख करोड़ रुपये के घोटाले के मास्टरमाइंड और इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनैंशियल सर्विसेज (IL&FS) के पूर्व चेयरमैन रवि पार्थसारथी को गिरप्तार किया है। EOW विभाग के DSP प्रकाश बाबू ने रवि की गिरफ़्तारी वाली खबर की पुष्टि की है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बताया कि पूर्व चेयरमैन रवि पार्थसारथी के नेतृत्व में IL&FS प्रॉड करने का अड्डा बन गया था। बता दें, 63 मून्स टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने IL&FS स्कैम से जुडी शिकायत दर्ज कराइ थी।

आर्थिक अपराध शाखा(EOW), चेन्नई पुलिस ने अपने बयान में कहा कि रवि पार्थसारथी की 63 मून्स टेक्नोलॉजी लिमिटेड (63 Moons Technologies Ltd) कंपनी द्वारा शिकायत की गई थी. जिसके बाद रवि को फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। आपको जानकारी होनी चाहिए कि इस 1 लाख करोड़ रुपये के घोटाले में 63 Moons Technologies के 200 करोड़ रुपये डूब गए थे। कुल 1 लाख करोड़ रुपये के घोटाले में कई अन्य कंपनियों ने भी केस दर्ज कराया है जिनके करोड़ों रुपये डूब चुके हैं।

सोमवार को होगी सुनवाई:

EOW ने जानकारी दी है कि IL&FS के पूर्व चेयरमैन रवि पार्थसारथी को 15 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। कस्टडी में उनसे विस्तृत पूछताछ होगी। इसके साथ ही उनकी जमानत संबंधित सुनवाई सोमवार को मद्रास हाईकोर्ट में होगी। Enforcement Directorate (ED) भी इस फाइनेंशियल फ्रॉड के कई मामलों की जांच करने में जुटी हुई है।

पी. चिदंबरम के करीबी माने जाते हैं... 350 से अधिक कंपनियों का इस्तेमाल

रवि पार्थसारथी पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के करीबी माने जाते रहे हैं। आर्थिक अपराध शाखा ने रवि पार्थसारथी 1 लाख करोड़ रुपये के घाटाले का 'माल्टरमाइंड' बताया है। EOW द्वारा दिए गए बयान के अनुसार,Infrastructure Leasing & Financial Services ग्रुप की 350 से अधिक कंपनियों को रवि पार्थसारथी और उनकी मैनेजमेंट टीम ने घोटाला और जालसाजी करने के वाहन के तौर पर इस्तेमाल किया।

आपको बता दें, अभी भी जबकि रवि कंपनी के चैयरमेन के पद से हट चुके हैं IL&FS ग्रुप पर कुल 91,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। IL&FS ग्रुप की कई कंपनियों ने बैंकों का कर्ज नहीं चुकाया है। ED ने भी पार्थसारथी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत वित्तीय अनियममितता, जालसाजी, घोखाधड़ी के साथ फाइनेंशियल फ्रॉड का केस दर्ज कर रखा है। इसके अलावा रवि पर संदिग्ध लेनदेन, आय की गलत जानकारी देने, हितों का टकराव के मामले जैसे मुक़दमे दर्ज किए गए हैं। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने भी इस मामले की जांच कर IPC की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

इस 1 लाख करोड़ के घोटाले की जानकारी साल 2018 में तब सामने आई थी जब IL&FS ग्रुप की कंपनियों ने नकदी संकट के चलते कर्ज के भुगतान में देरी की थी। IL&FS ग्रुप कई सरकारी प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है। इसने अपना अधिकांश कर्ज भी सरकारी कंपनियों को ही दे रखा है जबकि कर्जा लिया प्राइवेट कंपनियों से है।

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