दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन भी वेदिका को नहीं बचा पाया; 1 साल की बच्ची SMA से जंग हार गई

1 साल की वेदिका स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (spinal muscular atrophy) से पीड़ित थी। कई क्राउडफंडिंग प्लेटफार्मों के माध्यम से 16 करोड़ रुपये जुटाने के बाद, पिछले महीने उसे दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन ज़ोलगेन्स्मा (Zolgensma) दिया गया था।
दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन भी वेदिका को नहीं बचा पाया; 1 साल की बच्ची SMA से जंग हार गई

एक वर्ष की वेदिका, जो आनुवंशिक विकार से जूझ रही थी, माता-पिता द्वारा तमाम कोशिशों और दुनियाभर से मिले समर्थन के बावजूद रविवार शाम पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में उनका निधन हो गया है।

वेदिका स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (spinal muscular atrophy) से पीड़ित थी, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र और स्वैच्छिक मांसपेशियों की गति को प्रभावित करने वाली एक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी है। विभिन्न क्राउडफंडिंग प्लेटफार्मों के माध्यम से 16 करोड़ रुपये जुटाने के बाद पिछले महीने अस्पताल में उन्हें दुनिया का सबसे महंगा इंजेक्शन ज़ोलगेन्स्मा (Zolgensma) नसों के माध्यम से दिया गया था। तमाम कोशिशों के बावजूद 13 महीने की बच्ची की मौत की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और लोगों को स्तब्ध कर दिया, जो उसके स्वास्थ्य में सुधार होने की उम्मीद और दुआएं कर रहे थे।

वेदिका के पिता सौरभ शिंदे ने मीडिया संस्थान 'द इंडियन एक्सप्रेस' को बताया, "चंचल स्वभाव की वेदिका को कल शाम अचानक सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। हम उसे तुरंत पास के अस्पताल ले कर गए। Bhosari hospital में उसकी हालत स्थिर होने के बाद, हम उसे दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल ले गए। उसे तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो सका। शाम को उनका निधन हो गया।"

शिंदे ने आगे कहा “पिछले महीने वेदिका को इंजेक्शन दिए जाने के बाद, उसकी हालत में सुधार हुआ था। इंजेक्शन दिए जाने से पहले वह हमेशा बिस्तर पर पड़ी रहती थी। लेकिन इंजेक्शन के बाद वह हरकत करने में सक्षम थी। हमने पिछले महीने उनका जन्मदिन भी मनाया था। डॉक्टरों ने कहा था कि हमें तीन महीने तक अतिरिक्त देखभाल करने की जरूरत है जिसके बाद उसकी हालत में एक बड़ा सुधार होगा।"

”पिता ने बताया, “जब वेदिका चार महीने की थी, तब वह अपनी गर्दन नहीं पकड़ पा रही थी। वह बग़ल में गिरती थी और खुद को सीधा नहीं रख पाती थी। जब बेटी को डॉक्टरों के पास ले जाया गया, तो उन्होंने इस बीमारी को SMA के रूप में पाया, जिससे मांसपेशियों में गिरावट आती है। फिर डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि ज़ोलगेन्स्मा, जिसे दुनिया की सबसे महंगी दवा कहा जाता है, जिसकी कीमत लगभग 17 करोड़ रुपये है, बच्ची की हालत में सुधार कर सकता है।

”परिवार ने कहा...,“कई प्लेटफार्मों के माध्यम से लगभग 16 करोड़ रुपये जुटाए गए। सांसद अमोल कोल्हे ने संसद में सरकार से अमेरिका में उपलब्ध इंजेक्शन पर आयात शुल्क माफ करने की अपील की। अभिनेता जॉन अब्राहम ने भी दान की अपील की। अनुदान संचय (fundraiser) ने हमारे अंदर एक नई आशा का संचार किया। हम नहीं जानते कि दाता या शुभचिंतक कौन थे। वे दुनिया भर से थे। उन्होंने हमारे बच्चे को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की। लेकिन नियति ने उसके लिए कुछ और ही निश्चित कर रखा था।

समाधान

No stories found.

रोचक जानकारी

No stories found.

कहानी सफलता की

No stories found.

सरकारी योजना

No stories found.
Pratinidhi Manthan
www.pratinidhimanthan.com