पाकिस्तान से भी ज्यादा कमजोर है इन 5 देशों की करेंसी!   

पाकिस्तान से भी ज्यादा कमजोर है इन 5 देशों की करेंसी!

Ashish Urmaliya || The CEO Magazine

दुनियाभर के देशों की करेंसी की तुलना यूएस(US) डॉलर यानी अमेरिकन डॉलर से होती है, और दुनिया में ऐसे कई देश हैं जिनकी मुद्रा कीमत अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी कमजोर है. पिछले कुछ दिनों से हमें सुनने में आ रहा है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है, और कुछ दिनों में पाकिस्तान के बहुत ही बदतर हालात होने वाले हैं। पकिस्तान के रुपए की कीमत लगातार गिरती जा रही है, फिलहाल पाकिस्तानी रूपया लगभग 160 रूपए प्रति डॉलर के स्तर पर है और इसकी वजह से लोगों को रोजमर्रे की उपयोगी वस्तुएं खरीदने के पहले सोचना पड़ता है. लेकिन अभी कुछ ऐसे भी देश हैं जिनके आर्थिक हालात पकिस्तान से भी ज्यादा बदतर हैं. यहां हम उन्हीं देशों के बारे में जानेंगे।

टॉप पांच बदतर अर्थव्यवस्था वाले देश-

जिन देशों की मुद्रा की स्थिति सबसे खराब स्तर पर है उनमें- ईरान, विएतनाम, इंडोनेशिया, गिनी और लाओस शामिल हैं। इन सभी देशों को मात्र एक अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए अपने देश की हजारों की मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। आइये इनके बारे में विस्तृत रूप से जानते हैं।

ईरान-  ईरान का 'रियाल' फिलहाल विश्व की सबसे कमजोर मुद्रा है। यहां एक अमेरिकन डॉलर खरीदने के लिए लोगों को करीब 42,105 ईरानी रियाल खर्च करने पड़ रहे हैं। अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बाद से ही विश्व का सबसे बड़ा कच्चे तेल का उत्पादक देश मुश्किलों भरा दौर देख रहा है। वैसे ईरान और मुश्किलों का नाता बहुत पुराना है। अमेरिका के प्रतिबंध से पहले यह देश ईराक के साथ हुए युद्ध, इजराइल पर किये गए हमले और परमाणु हथियारों पर धमकी के चलते प्रभावित हुआ है।

वियतनाम- पाकिस्तान की ही तरह इस दक्षिण एशियाई देश की भी मुद्रा का अवमूल्यन हुआ है। और इस देश के लोगों को एक अमेरिकन डॉलर खरीदने के लिए करीब 23,208 वियतनामी डोंग खर्च करने पड़ रहे हैं। यह देश इतने बुरे आर्थिक हालातों का सामना इसलिए कर रहा है, क्योंकि इसे लगातार गृहयुद्ध और वैश्विक मंदी की मार का का असर झेलना पड़ा है।

इंडोनेशिया- पर्यटन के मामले में दुनियाभर में मशहूर यह दक्षिणपूर्वी एशियाई देश मुद्रा कमजोरी के मामले में तीसरे पायदान पर है। हालांकि आर्थिक तौर पर यह देश काफी मजबूत है, फिर भी मुद्रा में कमजोरी बनी हुई है। यहां के लोगों को एक अमेरिकन डॉलर खरीदने के लिए करीब 14,219 रुपियाह खर्च करना पड़ता है। मुद्रा कमजोर होने की वजह से यह देश दुनियाभर के पर्यटकों के लिए टूरिज्म का अच्छा विकल बन चुका है, क्योंकि यहां की विनिमय दर यानी करेंसी एक्सचेंज रेट बहुत कम है।

गुनिया-

एक अफ्रीकी देश जो दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक माना जाता  है। गृहयुद्ध परिस्थितियों और क्राइम रेट में लगातार बढ़ोतरी होने के चलते इस देश की करेंसी लगातार गिरावट देखी जा रही है। मात्र एक डॉलर खरीदने के लिए यहां के लोगों को 9,171 गिनियन फ्रैंक खर्च करने पड़ते हैं। इस देश की करेंसी अफ्रीकी देशों की सबसे कमजोर मुद्राओं में से एक है।

लाओस-

साल 1952 में इस देश ने अपनी खुद की मुद्रा लाओटियन किप जारी की थी और यह तब से ही कमजोर बानी हुई है। तब इस मुद्रा को बहुत ही कम दर पर जारी करना पड़ा था। भारत के करीब स्थित इस दक्षिण एशियाई देश के लोगों को एक डॉलर खरीदने के लिए 8,679 लाओटियन किप खर्च करना पड़ता है।

Pratinidhi Manthan
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