अनिल अंबानी ने कहा- 14 महीने में किया 35000 करोड़ रुपये का कर्ज भुगतान

अनिल अंबानी ने कहा- 14 महीने में किया 35000 करोड़ रुपये का कर्ज भुगतान

Ashish Urmaliya | The CEO Magazine

बीते मंगलवार एक प्रेस वार्ता के दौरान मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल अंबानी ने बताया, कि उन्होंने पिछले 14 महीनों में 35 हजार करोड़ रुपए के कर्ज का भुगतान किया है। साथ ही, उन्होंने कहा कि निकट भविष्य में वह बकाया कर्ज का भुगतान भी कर देंगे।

अनिल के मुताबिक, इन 35 हजार करोड़ रुपये में जिन ग्रुप कंपनियों का कर्ज चुकाया गया है उनमें रिलायंस इंफ्रा, रिलायंस पावर व रिलायंस कैपिटल शामिल हैं। उन्होंने कहा, कि रिलायंस समूह ने अप्रैल 2018 से लेकर मई 2019 तक यानी 14 महीने की अवधि में 35 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा कर्ज का भुगतान किया है।

अंबानी के मुताबिक, 35 हजार करोड़ रुपए में समूह की जिन कंपनियों का कर्ज चुकाया गया, उनमें रिलायंस पावर, रिलायंस इंफ्रा और रिलायंस कैपिटल शामिल हैं। अंबानी ने कहा, 'रिलायंस ग्रुप ने अप्रैल 2018 से मई 2019 तक 14 महीने की अवधि में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक का कुल कर्ज भुगतान किया है।' जिसमें 24,800 करोड़ रुपये मूलधन और 10,600 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में था।

अंबानी ने यह प्रेस वार्ता तब की है जब समूह की कंपनियों के शेयरों में लगातार तेजी से गिरावट आ रही है। जनवरी 2019 से लेकर अब तक समूह की लिस्टेड कंपनियों की वैल्यू 65% घट चुकी है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि, उनके समूह की कंपनियों को अलग-अलग दावों के तहत 30,000 करोड़ रुपये मिलने हैं, लेकिन रेग्युलेटर्स और अदालतों के विलंब के चलते यह पैसे नहीं मिल पा रहे हैं।

आपको बता दें, रिलायंस समूह पर कुल 1 लाख करोड़ रुपए का कर्ज है। इसमें से 49 हजार करोड़ रूपए का कर्ज अकेले रिलायंस कम्युनिकेशंस पर है। बाकी का समूह की अन्य कंपनियों पर। कुछ ही दिनों पहले आर. कॉम. ने दिवालिया करने की अर्जी लगाई थी जिसकी प्रक्रिया शुरु हो चुकी है।

इसी साल अप्रैल में मुकेश अंबानी ने अनिल को जेल जाने से बचाया था-

एरिक्सन कंपनी के भुगताक के विवाद में इसी साल अप्रैल के महीने में सुप्रीम कोर्ट ने अनिल नोटिस जारी करते हुए कहा था कि, अगर तय समय पर भुगतान नहीं किया तो अवमानना की कार्यवाही होगी और जेल जाना पड़ेगा। तभी तय समय से पहले मुकेश अंबानी ने बड़े भाई का फर्ज निभाते हुए एरिक्सन कंपनी को 485 करोड़ रुपए का भुगतान किया था।

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