भूलने की बीमारी है? तो ये जरूर जान लें

भूलने की बीमारी है? तो ये जरूर जान लें

AshishUrmaliya || Pratinidhi Manthan

आजकल हर दूसरा व्यक्ति भूलने की समस्या से जूझ रहा है। छोटी-छोटी बातें, चीज़ें, आंकड़े, नाम, कई लोग तो ज़रूरी से ज़रूरी काम भी भूल जाते हैं। लेकिन इसका मतलब ये बिलकुल नहीं है, कि आप अल्ज़ाइमर से पीड़ित हैं। भूलने के रोग को अल्जाइमर कहते हैं।

जब आप अल्जाइमर से पीड़ित होते हैं, तो आपकी सोचने-समझने की और याद रखने की क्षमता कम हो जाती है। इससे पीड़ित लोग ठीक से कोई भी काम नहीं कर पाते। और एक बात इस बीमारी का अब तक कोई भी ठोस इलाज निकलकर सामने नहीं आया है।

अब वापस आते हैं भूलने की समस्या पर, यहां आपको ध्यान देने की जरूरत है, कि भूलने की समस्या और भूलने की बीमारी ये दोनों अलग-अलग बातें हैं।

अगर आप बिजली का बिल भरना, चाबियां रखकर या फिर पढ़ी हुई बातें भूल जाते हैं, तो जरूरी नहीं की आपको अल्जाइमर की शिकायत है। यह भूलने की समस्या होती है, ना कि बीमारी।  

अगर आपका दिमाग कुछ याद रख सकता है, तो कुछ भूल भी सकता है।

और भूलने की ये समस्या इस बात पर निर्भर करती है, कि आप किस बात पर किस प्रकार ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। जैसे- जब आप किसी नई जगह पर जाते हैं तो आपको रास्ते ढूंढने, उन्हें पहचानने में खासी मशक्कत करनी पड़ती है। जब आप वहां कुछ दिन रुकते हैं, और पैटर्न दोहराते हैं तो आपको सारे रास्ते याद होते हैं।

साधारण की बात है, आपको कोई भी चीज़ या बात को याद करने के लिए उसे कई बार अपने दिमाग में भरने की आवश्यकता होती है।

अगर आपकी याददाश्त आपको बार-बार धोखा दे जाती है, तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है, आपको बस कुछ सरल अभ्यास जीवनशैली में सुधार करने की जरूरत है।   

1. सोने से पहले दिन भर की सभी बातों को, जरूरी बातों को दोहराएं,  बड़े जानकारों के मुताबिक, कुछ भी याद रखने का सबसे उपयुक्त समय सोने से पहले का होता है। 

2. सही समय पर सोएं- यह सबसे महत्वपूर्ण पॉइंट है। अगर आप सही समय पर सोते हैं, तो यह आपको मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से तंदरुस्त रखता है. इस पर विशेष ध्यान दें।

3. हमेशा पॉसिटिव रहें।

4. किसी भी चीज़ की चिंता करने की वजाय उसका चिंतन करना शुरू कर दें, चिंतन मतलब विचार करना उस समस्या से निजात पाने को लेकर सोचना।

5. शरीर के अन्य अंगों की भांति मस्तिष्क को भी व्यायाम की जरूरत होती है।

इसके लिए आपको एक डायरी बनानी होगी, जरूरी चीज़ों को उसमें नोट करते जाएं और समय मिलने पर उन्हें दोहराएं। कुछ देर शांति से बैठकर, आंख बंद करके ध्यान लगाएं। किसी भी चीज़ के गुम हो जाने पर अचानक घबराएं नहीं, शांति से ठहराव के साथ सोचें। मोबाइल पर भी बहुत सारे मेमोरी बूस्टर गेम एप्स उपलब्ध हैं। उनका भी आप उपयोग कर सकते हैं। कुछ ही दिनों के अभ्यास से आपको बेहतर रिजल्ट मिलने शुरू हो जायेंगे। 

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