महारानी क्लियोपेट्रा का 2000 साल पुराना फेवरेट इत्र, 10 साल बनाने में लग गए

महारानी क्लियोपेट्रा का 2000 साल पुराना फेवरेट इत्र, 10 साल बनाने में लग गए

Ashish Urmaliya || Pratinidhi Manthan

दुनियाभर में अपनी सुंदरता और कामुकता के लिए मशहूर रही मिस्र की महारानी क्लियोपेट्रा जिस इत्र का उपयोग करती थीं, उसका फॉर्मूला वैज्ञानिकों ने खोज निकाला है। ये कितनी प्रसिद्द महारानी थीं इसका अंदाजा आप यही जान कर लगा सकते हैं कि इन्होंने 40 वर्षों तक मिश्र पर राज किया था। ये दुनिया के इतिहास की सबसे रहस्यमयी शख्सियतों में से एक हैं जिनके रहस्य से पर्दा हटाने की कवायतें अभी भी जारी हैं। खैर, इस बारे में आगे बात करेंगे उससे पहले ये जिस परफ्यूम का उपयोग करती थीं उस पर चर्चा कर लेते हैं।

महारानी क्लियोपेट्रा जिस परफ्यूम का इस्तेमाल करती थीं वह 2000 साल पुराना परफ्यूम हूबहू जैतून के तेल जैसा दिखता है। वैज्ञानिकों को वैसा ही परफ्यूम तैयार करने में करीब 10 साल का वक्त लगा है। 2000 साल पुरानी इत्र बनाने की इस विधि को नॉर्थ अमेरिका के दो विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने खोजा है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, क्लियोपेट्रा का इत्र वर्तमान के इत्रों जैसा बिलकुल भी नहीं है।

वैज्ञानिकों ने बताया, कि उन्हें महारानी क्लियोपेट्रा जैसा इत्र बनाने में एक दशक से भी ज्यादा का वक्त लगा है। इसे बनाने के लिए उन्होंने पुरानी विधियों का अध्ययन किया था, जिसमें उन्होंने इलायची, जैतून के तेल, दालचीनी और लोबान का इस्तेमाल किया है। इस इत्र की खुशबू का एहसास एकदम अलग है और सबसे ख़ास बात, यह बहुत लम्बे समय तक असरकारक होता है, इसीलिए यह इत्र मिस्र की रानी क्लियोपेट्रा फेवरिट था। बता दें, उस वक्त से लेकर अब तक क्लियोपेट्रा के असली इत्र को इजिप्ट के 'तेल-एल तिमाई' में रखा था।

वर्तमान में यह अमेरिका के 'नेशनल जियोग्राफिक म्यूजियम' में प्रदर्शनी के लिए रखा गया है। शोधकर्ता एटलस ऑब्सक्यूरा के अनुसार, यह प्राचीन मिश्र का सबसे कीमती इत्र था, जिसकी खोज तीसरी शताब्दी में हुई थी। उस दौरान इस इत्र को सुरक्षित रखने के लिए जो बोतलें बनाई जाती थीं, उसकी मिटटी विदेशों से मंगवाई जाती थीं।

अब हलकी सी नजर महारानी क्लियोपेट्रा के जीवन पर डाल लेते हैं-

उन्होंने मिस्र में 51 ईसा पूर्व से लेकर 30 ईसा पूर्व तक शाशन किया। कहा जाता है, कि उस दौरान वह दुनिया की सबसे अमीर और खूबसूरत स्त्री थीं, मतलब इतनी कि उन पर अगर एक बार भी किसी की दृष्टि पड़ जाए, तो वह व्यक्ति अपनी सुध-बुध खो बैठता था। खूबसूरती के प्रचलन के ये हालात थे, कि दूर-दूर के देशों से लोग सिर्फ उन्हें देखने की इच्छा से मिश्र जाया करते थे। दुनिया का हर एक समृद्ध मर्द उस सुंदरा को पाने की चाहत रखता था। लेकिन ऐसा भी दावा किया जाता है, कि वह जितनी सुंदर और कामुक थीं उतनी ही चतुर, षड्यंत्रकारी और क्रूर भी थीं।

महारानी क्लियोपेट्रा की कहानी बहुत बड़ी, अनसुलझी हुई और ऐतिहासिक है, ये हमेशा से ही इतिहासकारों और साहित्यकारों के बीच बहुत लोकप्रिय थीं और अभी भी हैं। इनके ऊपर कई साहित्य लिखे जा चुके हैं और कई फ़िल्में भी बनाई जा चुकी हैं। महारानी बहुत ही चतुर राजनीतिज्ञ थीं और उन्हें करीब 9 भाषाओँ का अच्छा-ख़ासा ज्ञान था। इनकी छोटे भाई से शादी उसके बाद दो प्रेम संबंध, फिर एक प्रेमी से विवाह करना (सबकुछ सत्ता के लिए), अपना यौवन बरकरार रखने के लिए हर रोज 700 गधियों के दूध से नहाना जैसी कई कहानियां है जो बहुत प्रचलित हैं।

इनकी रहस्यमय मौत को लेकर भी अलग-अलग विशेषज्ञों और साहित्यकारों द्वारा कई कारण बताये जाते हैं, कोई कुछ तथ्यों के साथ दावा करता है, कि क्लियोपेट्रा की मृत्यु मादक पदार्थों का अधिक सेवन करने की वजह से हुई थी। तो कोई कहता है, कि उन्होंने जेहरीले सांप को पकड़ कर अपने स्तन पर उसका डंक मरवा लिया था। बता दें, महारानी की रहस्यमय मृत्यु के दोनों दावे ऐतिहासिक हैं और बड़े-बड़े इतिहासकार इनकी पुष्टि भी करते हैं। लेकिन दुनिया के इतिहास की सबसे खूबसूरत महिला की इस रहस्य भरी मृत्यु से पर्दा उठाने के लिए अब भी कोशिशें जारी हैं।

Pratinidhi Manthan
www.pratinidhimanthan.com