JEE Mains की परीक्षा हिंदी, इंग्लिश के अलावा सिर्फ गुजराती भाषा में ही क्यों होती है?

JEE Mains की परीक्षा हिंदी, इंग्लिश के अलावा सिर्फ गुजराती भाषा में ही क्यों होती है?

AshishUrmaliya || Pratinidhi Manthan

राजनीतिकी मंझी हुई खिलाड़ी अपनी 'दीदी'  मौके पर चौकामरने का मौका कभी नहीं छोड़ती। पश्चिम बंगाल की वर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नेहाल ही में एक ट्वीट कर ये सवाल खड़ा किया था, कि IIT में दाखिले के लिए आयोजित की जानेवाली कंबाइंड परीक्षा का आयोजन हिंदी, इंग्लिश के अलावा सिर्फ गुजराती में ही क्योंकिया जाता है?

बाततो पते की है! नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency- NTA) ने एक नोटिस जारीकरते हुए अपनी वेबसाइट पर इसका जवाब दिया, कि JEE Mains की परीक्षा का आयोजन हिंदी,इंग्लिश के अलावा गुजरती भाषा में ही बस इसलिए किया जाता है क्योंकि सिर्फ गुजरात राज्यने ही अनुरोध किया था, कि प्रश्न पत्र गुजराती भाषा में भी उपलब्ध हो। बाकी किसी भीराज्य ने भी हमसे इस बाबत संपर्क नहीं किया है।

हलांकिमानव संसाधन मंत्रालय ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के साथ परामर्श कर अब जेईई परीक्षाभी नीट परीक्षा की ही तर्ज पर अलग-अलग भाषाओं में कराने की तैयारी कर रहा है। अब जेईईपरीक्षा 22 क्षेत्रीय भाषाओं में कराई जाएगी। देखना यह होगा कि यह फैसला धरातल पर कबआता है।

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