अब बिना OTP पैसे उड़ा लेते हैं हैकर्स, बचना कैसे है जानिए

अब बिना OTP  पैसे उड़ा लेते हैं हैकर्स, बचना कैसे है जानिए

Ashish Urmaliya | Pratinidhi Manthan

अब तक क्या होता था, कि हैकर्स को आपके खाते से डिजिटली पैसे चुराने के लिए, आपके पास आए ओटीपी की आवश्यकता होती थी तो वे किसी न किसी तरह ओटीपी पाने का जुगाड़ करते थे. लेकिन बदलते समय के साथ हैकर्स इतने शातिर हो गए हैं कि अब बिना OTP के भी खाता खाली करने के कई मामले सामने आ रहे हैं. इस आर्टिकल के जरिये आगे हम जानेंगे कि किस तरह आप इन हैकर्स का शिकार होने से बच सकते हैं.

इंटरनेट बैंकिंग का ज़माना चल रहा है. पिछड़े माने जाने वाले भारत के गांव-गांव तक मोबाइल और इंटरनेट बैंकिग की पहुंच हो गई है. इस सुविधा ने लोगों का काम बेहद आसान कर दिया है लेकिन इसके बढ़ते इस्तेमाल की वजह से तरह-तरह के साइबर क्राइम्स भी सामने आ रहे हैं. अभी तक सभी बैंकों की तरफ से सलाह दी जाती थी कि 'आप किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपने डेबिट/क्रेडिट कार्ड का CVV पिन नंबर या ओटीपी नंबर शेयर न करें. ऐसा करने से कोई भी आपके बैंक खाते से पैसे निकाल सकता है.' लेकिन अब साइबर अपराधियों जिन्हें अनएथिकल हैकर्स भी कहा जाता है, इनकी पहुंच इतनी तेज़ हो गई है कि इन्होंने आपका खाता खाली करने का एक नया तरीका निकाल लिया है. जिसमें बिना ओटीपी जाने आपके खाते से पैसे उड़ाए जा सकते हैं. 

दरअसल, ये शातिर आर्थिक अपराधी अब आपको फ़ोन करके किसी तरह की मदद ऑफर करते हैं. इसी निःशुल्क, समाजसेवा टाइप की मदद के बहाने आपके फोन या लैपटॉप में किसी भी तरह की ऐप डाउनलोड करवाते हैं. बस फिर क्या है पल भर में आपकी बैंक से जुड़ी तमाम जानकारी उनके पास पहुंच जाती है और फिर बेड़ा गर्त.

जाल में फंसाते कैसे हैं?

ये साइबर क्रिमिनल्स आपको फोन घुमाते हैं और फिर अपने जाल में फंसाते हैं. हालिया हुई एक घटना को उदाहरण के तौर पर लें, तो अभी कुछ दिनों पहले दिल्ली में रहने वाले सुरेश के पास एक फोन कॉल आया कि उनके पेटीएम अकाउंट का केवाईसी वेरिफिकेशन अब तक नहीं हुआ. फोन करने वाले शख्स ने सुरेश को बताया या कह लें, डराया कि अगर उन्होंने केवाईसी वेरिफिकेशन नहीं किया, तो 24 घंटे के भीतर उनका पेटीएम अकाउंट बंद कर दिया जाएगा.

सुरेश समझदार हैं, उन्होंने फ़ोन करने वाले शख्स को पेटीएम का कर्मचारी जानते हुए घर आकर वेरिफिकेशन करने के लिए कह दिया। लेकिन सामने वाला साइबर क्रिमिनल और ज्यादा शातिर निकला उसने बहाना बनाकर आने से दिया। उसने कहा कि कोरोना की वजह से कंपनी को फिजिकल वेरिफिकेशन करना अलाउ नहीं है, और आपको ऑनलाइन वेरिफिकेशन कराना होगा. ये बात सुरेश को माननी पड़ी क्योंकि वह अपना पेटीएम बंद नहीं होने देना चाहते थे.

फोन करने वाले हैकर ने वेरिफिकेशन प्रोसेस पूरा करने के लिए सुरेश से अपने फोन में 'क्विक सपोर्ट' एप डाउनलोड करने के लिए कहा. इसके बाद सुरेश से उसकी आईडी पूछी बस, आईडी पता चलते ही सुरेश का पूरा फोन बड़े ही स्मार्ट तरीके से हैक कर लिया गया. अब हैकर ने सुरेश से कहा कि वे किसी दूसरे अकाउंट से अपने पेटीएम वॉलेट में 1 रुपए ट्रांसफर कर लें,  लो जी बस हो गया वेरिफिकेशन। 

सुरेश ने बिना देर किए अपने आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से एक रुपया अपने पेटीएम अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया. इसी बीच उस शख्स ने क्विक सपोर्ट एप से जो पूरा फोन हैक किया था उसके ज़रिए सुरेश का क्रेडिट कार्ड नंबर देख लिया। हैकर ने सुरेश को कुछ देर तक अपनी बातों में उलझा के रखा और इसी बीच उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से 9,999 रुपये के दो ट्रांजैक्शन कर 19,998 रुपये निकाल लिए. बाद में सुरेश को इस बात की जानकारी लगी और उन्होंने इसकी एफआईआर दर्ज करायी।

इस तरह के अपराधों से बचने के बेजोड़ तरीके ये हैं…

साइबर विशेषज्ञों की मानें तो  क्विक सपोर्ट और टीम व्यूवर जैसी कई एप्स हैं जिनकी मदद से कोई दूर बैठा व्यक्ति भी आपके फोन या कंप्यूटर पर पूरा अधिकार जमा लेता है. दरअसल, इस तरह की एप्स का निर्माण लोगों की सहायता के लिए किया जाता है, ताकि इसकी मदद से कोई भी एक्सपर्ट आपके सिस्टम पर एक्सिस करके आपके सिस्टम में आई प्रॉब्लम को दूर बैठे ठीक कर सके. लेकिन आजकल साइबर अपराधी इनका दुरूपयोग दूसरों के सिस्टम से जानकारी चुराने के लिए कर रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है.  

  • हालांकि इस तरह के ऐप को डाउनलोड करते समय आपको वाकायदा वार्निंग दी जाती है कि इसकी आईडी की जानकारी किसी को भी न दें, सिर्फ उसे ही दें, जिस पर आपको पूरा भरोषा हो.
  • क्योंकि सिर्फ एप की एक आईडी किसी को बताने से आपकी सारी पर्सनल जानकारी चोरी हो सकती है.
  • ज़रुरत नहीं है तो एप को बिना वजह बिलकुल भी डाउनलोड न करें.
  • इस एप का उपयोग अपने सिस्टम की खराबी ठीक करने के लिए उन्हीं लोगों द्वारा कराएं जिन्हें आप व्यक्तिगत तौर पर जानते हों.
  • इस एप का उपयोग करते वक्त कोई आपसे पैसा ट्रांसफर करने के लिए बोले तो हरगिज़ न करें. तो ही आप सुरक्षित हैं. 
Pratinidhi Manthan
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