एयरफोर्स का पायलट कैसे बनता है? आइये चयन प्रक्रिया व योग्यता मानदंडों को जानते हैं.

एयरफोर्स का पायलट कैसे बनता है आइये चयन प्रक्रिया व योग्यता मानदंडों को जानते हैं.
एयरफोर्स का पायलट कैसे बनता है आइये चयन प्रक्रिया व योग्यता मानदंडों को जानते हैं.

एयरफोर्स का पायलट कैसे बनता है? आइये चयन प्रक्रिया योग्यता मानदंडों को जानते हैं.

Ashish Urmaliya | The CEO Magazine

एयरफोर्स का पायलट बनना कई भारतीय युवा, युवतियों का सपना होता है. जैसा कि हम जानते हैं, कि हमारा देश बहुत ही बड़ा है और यहां की करीब 70 फीसदी जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है. सुविधाओं की उपलब्धता न होने के चलते लोगों में जागरूकता की खासी कमी है. और ग्रामीण ही क्यों बहुत सारे शहरी क्षेत्र के युवा, युवतियां भी देश में उपलब्ध अपार करियर विकल्पों से अपरिचित रहते हैं. इन्हीं में से एक विकल्प है- भारतीय एयरफोर्स का पायलट बनना। इस आर्टिकल में हम इसी विषय पर बात करेंगे।

सबसे पहली बात, एयरफोर्स का पायलट बनना असंभव बात नहीं हैं, बसरते इस चुनौतीपूर्ण एवं आकर्षक भूमिका को निभाने के लिए आपके अंदर समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति व साहस होना चाहिए। एयरफोर्स का पायलट बनने के लिए जवान को एक कठिन ट्रेनिंग प्रक्रिया से गुजरना होता है, इस प्रक्रिया में आपको फाइटर प्लेन हवा में लेजाकर खतरनाक 'आक्रमण अभ्यास' करना होता है। भारतीय एयरफोर्स की एक और इकलौती जिम्मेदारी होती है, मुख्य अधिकारी द्वारा दिए गए मिशन को पूरा करना। यह मिशन कुछ भी हो सकता है- दुश्मन के बेस को तबाह करना जवानों व नागरिकों को किसी गंभीर परिस्थिति से बचा कर निकलना या फिर दोनों। कई मामलो में इन पायलट्स को शांति मिशन पर भी भेजा जाता है लेकिन अधितर मामलों में इन्हें फाइटर जेट के साथ आक्रमण की ट्रेनिंग दी जाती है.

फाइटर पायलट बनने के लिए ये कोर्सेस करने होते हैं!

इक्छुक विद्यार्थियों के लिए पायलट बनने के चार तरीके उपलब्ध हैं और ये चारों तरीके आसान तो बिलकुल भी नहीं हैं.

पहला- नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए)

दूसरा- कंबाइंड डिफेंस सर्विस एग्जाम (सीडीएसई)

तीसरा- एनसीसी इंट्री और शॉर्ट सर्विस कमीशन इंट्री (एसएससी)

ये तीन ऐसे कोर्सेस हैं जिनकी पढ़ाई करके आपको कठिन परीक्षा पास करनी होती है. ये परीक्षाएं और फिजिकल टेस्ट पास करके आप एयर फोर्स में फ्लाइंड ऑफिसर के रूप में एंट्री पा सकते हैं. ये तीनो तरीके पर्मानेंट कमिशन हैं जबकि चौथा अस्थाई कमिशन है. NDA के लिए आप 12 वीं कक्षा के बाद ही अप्लाई कर सकते हैं. बाकी के अन्य कोर्सेस के लिए विद्यार्थियों का ग्रेजुएट होना अनिवार्य है.  आइये इन कोर्सेस को डिटेल में समझते हैं.

नेशनल डिफेंस एकेडेमी (एनडीए)- यह कोर्स एयर फोर्स में फ्लाइंग ब्रांच ज्वाइन करने के लिए होता है, इसके लिए उम्मीदवारों को एनडीए की परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है. एनडीए की यह परीक्षा यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) द्वारा आयोजित की जाती है.  परीक्षा पास करने के बाद चुने गए छात्रों को तीन साल की ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है. उसके बाद सभी को एयर फोर्स ट्रेनिंग इस्टैब्लिशमेंट्स में ट्रेनिंग कराई जाती है. कठिन ट्रेनिंग के बाद जवानों को परमानेंट कमीशन ऑफिसर्स के रूप में कमीशन या इंडियन एयरफोर्स स्टेशन में पायलट के रूप में नियुक्त कर दिया जाता है.

कंबाइंड डिफेंस सर्विस एग्जामिनेशन (सीडीएसई)- NDA के अलावा युवाओं को पायलट बनाने के लिए यूपीएससी द्वारा सीडीएसई परीक्षा का भी आयोजन कराया जाता है. यह परीक्षा पास करने के बाद विद्यार्थियों को इंडियन मिलिट्री अकादमी/ इंडियन नेवल अकादमी/ एयर फोर्स अकादमी में दाखिला दिया जाता है. जैसी ट्रेनिंग NDA में दी जाती है ठीक वैसी ही ट्रेनिंग के बाद जवानों को पर्मानेंट कमीशन ऑफीसर या फिर एयर फोर्स स्टेशन में पायलट के रूप में  नयुक्त कर लिया जाता है.

नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) स्पेशल इंट्री-  यह स्पेशल एंट्री की सुविधा सिर्फ लड़के उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध है. जिन भी उम्मीदवारों के पास एयर विंग सीनियर डिवीज़न का 'सी' सर्टिफिकेट होता है उन्हें नेशनल कैडेट कॉर्प्स(एनसीसी) स्पेशल एंट्री के लिए योग्य माना जाता है. उम्मीदवारों की नियुक्ति डायरेक्टोरेट जनरल नेशनल कैडेट कॉर्प्स या संबंधित एनसीसी एयर स्क्वाड्रन के माध्यम से दी जाती है. इस स्पेशल इंट्री स्कीम के जरिये जवानों को पर्मानेंट कमीशन ऑफिसर्स के रूप में नियुक्त कर लिया जाता है.

एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (एएफसीएटी)- यह कोर्स महिला एवं पुरुष दोनो ही उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध है. इसका आयोजन इंडियन एयर फोर्स द्वारा 14 वर्षों के लिए शॉर्ट सर्विस कमीशन में नियुक्ति देने के लिए किया जाता है. इसके जरिये उम्मीदवारों का चयन तकनीकी शाखाओं एवं ग्राउंड ड्यूटी शाखाओं के लिए किया जाता है. खास बात यह है, कि इस परीक्षा का आयोजन साल में दो बार होता है.

अब योग्यता की बात कर लेते हैं-

– सबसे पहले तो उम्मीदवार भारत का नागरिक हो.

– एनडीए परीक्षा के माध्यम से अपनी जगह बनाने के लिए उम्मीदवार को फिजिक्स व गणित के विषय के साथ 12वीं पास होना जरूरी है. साथ ही  उम्मीदवारों की आयु 16-1/2 से 19 वर्ष के बीच होनी चाहिए.

 -एएफसीएटी, सीडीएस परीक्षा और एनसीसी स्पेशल इंट्री के माध्यम से अपनी जगह बनाने के लिए उम्मीदवारों का ग्रेजुएट होना अनिवार्य है. इंजीनियरिंग डिग्री वाले उम्मीदवार भी सीडीएस परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं. इन उम्मीदवारों की आयु 20 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए.

पगार के बारे में जान लेते हैं!

इंडियन एयरफोर्स पायलट या फ्लाइंग ऑफिसर की वेतन पे-बैंड 3  के आधार पर निर्धारित होती है. मूल वेतन 15600-39100 रुपए होता है. इसके अलावा अतिरिक्त ग्रेड पे के रूप में 5400 प्रतिमाह दिया जाता है, मिलिट्री सर्विस पे 6000 रुपए प्रतिमाह, दियारनेट एलाउंस 21,600 रूपए प्रतिमाह है. किट मेंटनेस एलाउंस 500 रूपए प्रतिमाह और ट्रांसपोर्ट एलाउंस 3200 रुपए+डीए(प्रमुख शहरों में)/1600रुपए+डीए(दुसरे शहरों में) दिया जाता है. फ्लाइंग ब्रांच ऑफिसर्स को 11250 रुपए प्रति माह अन्य एलाउंसेस दिए जाते हैं. कुल मिला कर बात करें, तो छठे वेतन के अनुसार 66,110 रुपए प्रतिमाह दिया जाता है. सेवा के दौरान अनुभव एवं प्रमोशन के आधार पर पायलट को पे-बैंड 4 के आधार पर 1.5 लाख रुपए तक की वेतन मिलने लगती है.

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