गेम खेलने के शौक़ीन, इस फील्ड में अपना करियर भी बना सकते हैं

गेम खेलने के शौक़ीन, इस फील्ड में अपना करियर भी बना सकते हैं

Ashish Urmaliya || Pratinidhi Manthan

कुछछात्रों का पूर्व से तय होता है कि उन्हें 12वीं कक्षा के बाद क्या पढ़ाई करनी है, जैसे-इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट या मेडिकल आदि। लेकिन कुछ छात्र ऐसे भी होते हैं, जो असमंजसमें रहते हैं कि किस तरह के भविष्य का चुनाव करें। इसी तरह कुछ छात्र ऐसे भी होते हैंजिनका पढ़ाई-लिखाई में ज्यादा मन नहीं लगता लेकिन खेल कूद और गेमिंग में बेहतर हैं,तो आज हम इसी तरह के विद्यार्थियों के लिए एक खास जानकारी लेकर आए हैं।

अब12वीं के बाद छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, डिजिटलाइज़ेशन की वजह से गेम्सऔर गैजेट्स की दुनिया में भारी उछाल आ गया है। फिलहाल भारत में यह मार्केट शुरूआतीदौर में है और यही वजह है, कि आने वाले वक्त में भारत में गेमिंग प्रोफेशनल की भारीमांग बढ़ेगी। 

सबसेख़ास बात यह है, कि डिजिटल गेम्स के दीवाने सिर्फ बच्चे नहीं बल्कि युवा और अन्य आयुवर्ग के लोग भी बनते जा रहे हैं। इसलिए मोबाइल, वीडियो गेमिंग में आप अपना बेहतरीनकरियर बना सकते हैं। इस क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत करके आप शुरूआती सालों में3 से 4 लाख रूपए सालाना कमा सकते हैं।

आइये जानते हैं इस क्षेत्र में करियर कैसे बनाया जा सकता है?

पिछलेकुछ वक्त में भारत में भी कई ऑनलाइन गेम्स चर्चित हुए हैं, पूरी दुनिया के साथ भारतमें भी यह मनोरंजन के साथ ही साथ स्टेटस सिंबल का मुद्दा बन चुका है। मनोरंजन के साथगेमिंग ने युवाओं को इस क्षेत्र में करियर बनाने की ओर भी आकर्षित किया है। गेमिंगयूजर्स की संख्या लगातार बढ़ने के चलते प्रोफेशनल गेम डेवलपर की मांग भी लगातार बढ़तीजा रही है। 

सबसे ज्यादा डिमांड-

भारतीयमार्केट में इस वक्त, माइक्रोसॉफ्ट के एक्स-बॉक्स, सोनी के प्लेस्टेशन, नाइनटेंडो केगेम्स के साथ ऑनलाइन गेम्स की भी जबरदस्त मांग देखने को मिल रही है। अगर आप एक गेमडेवलपर के रूप में अपना करियर ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं तो आपको जावा, सी++, जे2एमई,ब्लैकबेरी, 2डी गेम डेवलपमेंट, 3डी गेम डेवलपमेंट से जुड़ी अच्छी जानकारी होनी चाहिए।अगर जानकारी नहीं है लेकिन इंटरेस्ट है, तो भी आप इसमें अपना करियर बना सकते हैं बसआपको किसी अच्छे इंस्टिट्यूट से ट्रेनिंग लेनी होगी। डिजिटल होने की वजह से हर गेममें अलग-अलग अपडेट्स आते रहते हैं, जिसके लिए क्रिएटिव प्रोफेशनल्स की मांग रहती है।   

आपमेंक्षमता हो तो आप अपना खुद का बनाया गेम भी मार्केट में ला सकते हैं। लेकिन कहना जितनाआसान होता है, करना उतना ही कठिन। इसके लिए आपको एक यथोचित टीम की जरूरत होती है।

ऐसे बना सकते हैं करियर-

-आपगेम डिज़ाइनर बन सकते हैं, जिसका काम गेम डिज़ाइन करना होता है साथ ही साथ इसको रोचकरूप भी प्रदान करना भी होता है। एक गेम डिज़ाइनर को गेम लिखने और उसके डायग्राम तैयारकरने का भी काम करना होता है। इस प्रोफेशन में टेक्नोलॉजी की जानकारी के साथ आर्टिस्टिकविज़न होना भी जरूरी होता है।

-लीडडिज़ाइनर पर पूरे कांसेप्ट, डिजाइनिंग विज़न, प्रेजेंटेशन, इम्प्लीमेंटेशन आदि सभी चीजोंकी जिम्मेदारी होती है।

-कंप्यूटरगेम प्रोडूसर- इसको डिजाइनिंग के साथ 2D सॉफ्टवेयर और 3D मॉडेलिंग की भी जानकारी होनीअनिवार्य है।

-ऑडियोइंजीनियर- ऑडियो इंजीनियर बनने के लिए आपको साउंड इंजीनियरिंग के साथ ही साथ सी++ औरदूसरी लैंग्वेज की भी गहरी जानकारी होनी अनिवार्य है। इन इंजीनियर्स को आर्ट, डिजाइन,क्वालिटी कंट्रोल आदि पर टीम के साथ काम करना होता है और प्रोडक्शन की प्रक्रिया कीजिम्मेदारी भी लेनी होती है।

–ऑडियो प्रोग्रामर-  इसे साउंड इंजीनियर के साथमिलकर काम करना होता है। कंप्यूटर इंजीनियर के लिए यह एक बेहतरीन करियर माना जाता है।ऑडियो प्रोग्रामर को किसी भी गेम में स्पेशल इफेक्ट्स डालने होते हैं और इसके लिए साउंडसिंथेसिस की जानकारी जरूरी होती है. 

-लीडएनिमेटर किसी भी गेम के सीनियर आर्टिस्ट व लीड प्रोग्रामर के साथ काम करते हैं। इसभूमिका को सफलतापूर्वक निभाने के लिए लीड एनिमेटर के पास 2D मैप तैयार करने की और2D कांसेप्ट आर्ट के माध्यम से 3D मॉडल्स तैयार करने की योग्यता अनिवार्य रूप से होनीचाहिए।

-ग्राफ़िकडिज़ाइनर- यह किसी भी गेम को बनाने के लिए टेक्निकल सपोर्ट देता है। इसके लिए आपके पासडायरेक्ट एक्स, सी, सी++, विंडो प्रोग्रामिंग, ओपन जीएल, थ्री डी पैकेज आदि की जानकारीहोनी आवश्यक होती है।

अबदेश के सबसे जाने माने गेम डेवेलपर्स के नाम जान लीजिये

–जंप गेम्स, मुंबई

–गेमलॉफ्ट, हैदराबाद

–इंडिया गेम्स, मुंबई

–डिजिटल चॉकलेट, बेंगलुरु

–इलेक्ट्रॉनिक ऑट्स, हैदराबाद

–मोबाइल टू विन, मुंबई

Pratinidhi Manthan
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