अब कचरे से होगी आपकी कमाई, नौकरी की जरूरत नहीं 

अब कचरे से होगी आपकी कमाई, नौकरी की जरूरत नहीं 
अब कचरे से होगी आपकी कमाई, नौकरी की जरूरत नहीं

अब कचरे से होगी आपकी कमाई, नौकरी की जरूरत नहीं           

Ashish Urmaliya | The CEO Magazine

"बिज़नेस कोई भी हो, बस फायदा आना चाहिए" इसी बात को मद्देनजर रखते हुए आज हम आपको एक ऐसे बिज़नेस आईडिया के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी अतिरिक्त आमदनी को बढ़ा देगा। ये बिज़नेस है कचरे का। अगर आप कोई नया बिज़नेस शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो इस कचरे के व्यापार पर एक बार चिंतन जरूर करें।

कचरे का यह बिज़नेस आप गाय-भैंस सहित अन्य कई पशुओं के गोबर के अलावा सड़े-गले फलों व सब्जियों को बेचकर कर सकते हैं। हाल ही में, भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नफेड) ने इंडियन ऑयल के साथ मिलकर एक करार किया है। जिसके अंतर्गत पहले चरण में देश भर में करीब 100 बायो सीएनजी प्लांट बनाये जाने का लक्ष्य है। इस पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में 'नैफेड' करीब 5 हजार करोड़ का निवेश करने जा रही है।

सरकार के प्रदुषण स्‍तर घटाने व प्रोत्साहन के अथक प्रयासों के चलते बायो सीएनजी की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। कुछ सरकारी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आप भी बायो सीएनजी का प्लांट लगा कर अपना नया कारोबार शुरू कर सकते हैं। हालांकि, बायो सीएनजी प्लांट को लगाने में थोड़ी लागत जरूर आती है, लेकिन यह आपके लिए कमाई का एक बेहतरीन जरिया बन सकता है। यह प्लांट लगभग गोबर गैस की तरह ही काम करता है। लेकिन इसमें कुछ अलग तरह की एडवांस्ड मशीनें लगाई जाती हैं। फिलहाल, इस तरह के प्लांट्स महाराष्‍ट्र, पंजाब, हरियाणा और कई अन्‍य राज्‍यों में पहले से लगे हुए हैं।

प्लांट लगाने की तकनीक:-

इस प्‍लांट को लगाने में  VPSA (Vacuum Pressure Swing Adsorption) टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है। जिसके द्वारा गोबर को प्यूरीफाई कर मीथेन गैस बनाई जाती है। फिर मीथेन गैस को कम्प्रेस करके सिलेंडर में भर दिया जाता है और मार्केट में यह गैस लगभग 48 रुपए प्रति किग्रा। की कीमत पर बेच दी जाती है। इतना ही नहीं, बायो सीएनजी गैस बनने के बाद जो गोबर बचता है, उसे खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यह खाद किसानों को बेचकर भी अच्छी कमाई की जा सकती है।

इस व्यापार को शुरू करने में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नाफेड)  आपकी मदद करेगा। बता दें, इस योजना की शुरुआत यूपी के मुजफ्फरनगर से हो चुकी है। यहां के सभी सीएनजी प्लांट्स लगभग 6 माह में बनकर तैयार हो जाएंगे और लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री इनका उद्घाटन भी कर सकते हैं। बायो सीएनजी प्लांट से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए आप नाफेड की इस  http://www.nafed-india.com/ ऑफिसियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

Pratinidhi Manthan
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