अगर नौकरी से परेशान हो गए हैं तो ये बिजनेस शुरू करें, ट्रेनिंग मिलते ही लाखों की आमदनी शुरू

अगर नौकरी से परेशान हो गए हैं तो ये बिजनेस शुरू करें, ट्रेनिंग मिलते ही लाखों की आमदनी शुरू

Ashish Urmaliya | Pratinidhi Manthan

मेडिसिनल प्लांट (Medicinal Plants) (ऐसे पौधे जिनसे दवाइयां बनाई जाती हैं) की खेती में कम लागत से मोटी कमाई की जा सकती है. नैचुरल प्रोडक्ट्स (Natural Products) लगातार मांग बढ़ने के चलते इन प्लांट्स की मांग भी तेजी से बढ़ती जा रही है.

कोरोना काल से पहले ही देश में नेचुरल, देसी या कह लें आयुर्वेदिक उत्पादों में मांग में भारी इज़ाफ़ा हो चुका था. कोरोना के बाद तो देश के साथ दुनियाभर में इसकी मांग सातवें आसमान पर है. लगातार बढ़ते प्रदूषण और कई गंभीर ​बीमारियों के चलते नैचुरल प्रोडक्ट्स (Natural Products) और इनकी मेडिसीन का बाजार लगातार अपना विस्तार किए जा रहा है. अब जब इन प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ चुकी है तो स्वाभाविक सी बात है कि इनमें लगने वाले नैचुरल प्रोडक्ट्स की मांग भी तेजी से बढ़ेगी ही और बढ़ी है. ऐसे में अगर आप इन नेचुरल प्रोडक्ट्स के उत्पादन का व्यापार शुरू करते हैं तो इसमें लागत तो कम है ही, लंबे समय तक आपकी कमाई भी सुनिश्चित हो जाएगी.

खास बात यह है कि मेडिसिनल प्‍लांट (Medicinal Plant) की खेती के लिए आपको ना तो लंबे-चौड़े फार्म की जरूरत है और ना ही बड़े निवेश की. और तो और नेचुरल मेडिसिनल प्लांट की फार्मिंग के लिए आपको कोई खेत बोने की भी जरूरत नहीं है. इसे आप कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर भी ले सकते हैं. बता दें, आजकल बहुत सारी कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर औषधियों की खेती करा रही हैं. इन प्लांट्स की खेती शुरू करने के लिए शुरुआत में आपको कुछ हजार रुपए ही खर्च करने की जरूरत है, इसके बावजूद कमाई लाखों में होगी.

कई पौधे तो ऐसे हैं जो छोटे-छोटे गमलों में भी उगाए जा सकते हैं-

विदित हो कि ज्यादातर हर्बल प्लांट्स (Herbal Plants) जैसे मुलैठी, तुलसी, एलोवेरा, आर्टीमीसिया एन्‍नुआ आदि बहुत कम समय में तैयार हो जाते हैं. इनमें से सारे पौधों को छोटे-छोटे गमलों में भी उगाया जा सकता है. शुरुआती दौर में इनकी खेती शुरू करने के लिए आपको कुछ हजार रुपए ही ज़रुरत पड़ती है, लेकिन उतने निवेश में ही आपकी कमाई लाखों में हो जाती है. आजकल कई ऐसी दवा कंपनियां देश में मौजूद हैं जो आपसे फसल खरीदने तक का कांट्रेक्‍ट करती हैं, जिससे आपकी कमाई सुनिश्चित हो जाती है. आपको अपने उगाए हुए पौधों की मार्केटिंग भी नहीं करनी पड़ती।

15 हज़ार खर्च पर 3 लाख की कमाई-

हमारे देश में तुलसी को धर्म से जोड़कर देखा जाता है, तुलसी माता दर्जा दिया गया है. लेकिन, पूजन-अर्चन के साथ ही मेडिसिनल गुण वाली तुलसी की खेती से अच्छी खासी कमाई भी की जा सकती है. जानकारी हो कि तुलसी के कई प्रकार होते हैं, इनमें से दो मुख्य प्रकार होते हैं- यूजीनोल और मिथाईल सिनामेट. तुलसी के इन प्रकारों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं बनाई जाती हैं. 1 हेक्‍टेयर (लगभग ढाई एकड़) जमीन पर तुलसी उगाने में केवल 15 हजार रुपए खर्च होते हैं और मात्र 3 महीने बाद ही तुलसी की यह फसल लगभग 3 लाख रुपए तक बिक जाती है.

इस तरह की कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग कराने वाली कंपनियों के नाम भी जान लीजिए-

पतंजलि, डाबर, वैद्यनाथ आदि जैसी कई आयुर्वेद दवाएं बनाने वाली कंपनियां तुलसी समेत सभी हर्बल प्लांट्स की कांट्रेक्‍ट फार्मिंग करा रही हैं. ये कंपनियां फसल को अपने माध्‍यम से ही खरीदती हैं. इसके साथ ही तुलसी के बीज और तेल का भी बड़ा बाजार है. हर दिन उछाल वाले नए रेट पर तुलसी का तेल और तुलसी बीज बेचे जाते हैं.

ट्रेनिंग ज़रूरी है-

सबसे ज्यादा ध्यान देने वाली बात ये है कि मेडिसिनल प्‍लांट की खेती के लिए आपके पास अच्‍छी ट्रेनिंग होनी जरूरी है ताकि आप भविष्‍य में घाटे का शिकार ना हों. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित सेंट्रल इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्‍लांट (सीमैप) इन पौधों की खेती से संबंधित पूरी ट्रेनिंग देता है. सेंट्रल इंस्‍टीट्यूट

ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्‍लांट (सीमैप) के माध्‍यम से ही दवा कंपनियां आपसे कांट्रेक्‍ट साइन भी करती हैं, इससे आपको इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा, ना ही कोई जुगाड़ बिठाना पड़ेगा।

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