महत्वपूर्ण विद्युतिकरण और ऑटोमेशन समाधानों के भारतीय विनिर्माण और अनुसंधान एवं विकास (R&D) को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश
नवीकरणीय ऊर्जा, मेट्रो रेल और डेटा सेंटर सहित महत्वपूर्ण अवसंरचना के लिए पांच क्षेत्रों पर विनिर्माण क्षमता का विस्तार
हैदराबाद और बेंगलुरु में उन्नत R&D और परीक्षण प्रयोगशालाएं “मेक इन इंडिया” पहल को समर्थन देंगी
इंजीनियरिंग, संचालन और अनुसंधान में 300 से अधिक नए कुशल रोजगार सृजित होंगे, जो टिकाऊ तकनीकों के स्थानीय उत्पादन को मजबूत करेंगे
ABB ने आज घोषणा की कि वह 2026 के दौरान भारत में लगभग 75 मिलियन डॉलर का अतिरिक्त निवेश करेगी ताकि अपने विनिर्माण आधार और अनुसंधान एवं विकास (R&D) क्षमताओं का उल्लेखनीय विस्तार किया जा सके। यह निवेश 2025 में किए गए 35 मिलियन डॉलर से अधिक के निवेश के साथ मिलकर भारत में ABB की “लोकल-फॉर-लोकल” रणनीति को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वर्तमान में भारत में बेचे जाने वाले ABB के लगभग 85 प्रतिशत उत्पाद और समाधान स्थानीय स्तर पर ही निर्मित होते हैं।
यह निवेश ABB के इलेक्ट्रिफिकेशन, मोशन और ऑटोमेशन व्यवसाय क्षेत्रों में विकास का समर्थन करेगा। यह पिछले एक दशक में देश में हुई मजबूत वार्षिक वृद्धि के बाद किया जा रहा है, जिसके दौरान ABB ने भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में मजबूत करने के लिए 230 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया है। इस वर्ष भारत में ABB के संचालन के 76 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
ABB के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोर्टेन विएरोड ने कहा,
“भारत में यह निवेश हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक में अवसंरचना विकास और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देता है। देश में ऊर्जा परिवर्तन, ग्रिड आधुनिकीकरण, डेटा सेंटर विकास और मेट्रो तथा हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार के कारण मांग तेजी से बढ़ रही है। हमारे विस्तारित विनिर्माण संयंत्र इस मांग को पूरा करने के साथ-साथ क्षेत्र के अन्य बाजारों की सेवा करने की हमारी क्षमता को भी मजबूत करेंगे।”
ABB के इलेक्ट्रिफिकेशन, मोशन और ऑटोमेशन व्यवसाय क्षेत्रों में भारत के कई स्थानों पर किए जाने वाले निवेश का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा परिवर्तन के साथ-साथ डेटा सेंटर और सार्वजनिक अवसंरचना जैसे महत्वपूर्ण उद्योगों के लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाना है। इन निवेशों के माध्यम से इंजीनियरिंग, संचालन और अनुसंधान क्षेत्रों में 300 से अधिक नए कुशल रोजगार सृजित होने की संभावना है।
ABB अपने नेलमंगला कैंपस की दो सुविधाओं में 14 मिलियन डॉलर का निवेश कर रही है, ताकि विकास को गति दी जा सके और स्थानीयकरण रणनीति को और मजबूत किया जा सके। कंपनी कैंपस 1 में उत्पादन क्षमताओं का विस्तार कर रही है और 2026 में नई तकनीकों जैसे उन्नत इलेक्ट्रिकल प्रोटेक्शन और एनक्लोजर समाधानों को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। निवेश का एक प्रमुख हिस्सा कन्वर्टर विनिर्माण सुविधा को बढ़ाने पर केंद्रित है, जो भारत के तेजी से बढ़ते सतत मोबिलिटी क्षेत्र का समर्थन करेगा। अगले तीन से पांच वर्षों में ABB हाई-स्पीड रेल और मेट्रो परिवहन के लिए अपने पोर्टफोलियो का उल्लेखनीय विस्तार करने की योजना बना रही है।
नए बने नेलमंगला कैंपस 2 में अनइंटरप्टिबल पावर सप्लाई (UPS) समाधानों के उत्पादन में दस गुना विस्तार किया जाएगा और समर्पित R&D सुविधा स्थापित की जाएगी। यहां उन्नत रेक्टिफायर विनिर्माण, एक्साइटेशन और ब्लेंडिंग सिस्टम तथा एकीकृत गैस एनालाइज़र सिस्टम की सुविधा भी होगी।
ABB अपने पीन्या संचालन में 21 मिलियन डॉलर का निवेश कर रही है ताकि विनिर्माण क्षमता बढ़ाई जा सके और उन्नत तकनीकी क्षमताओं को मजबूत किया जा सके। इसमें लो-वोल्टेज ड्राइव्स और विशेष मोटर्स जैसे फ्लेमप्रूफ (Ex) मोटर्स, रोलर-टेबल मोटर्स और बड़े स्मोक-वेंटिंग मोटर्स के उत्पादन का विस्तार शामिल है। कंपनी एक इनोवेशन लैब, रिमोट मॉनिटरिंग और डायग्नोस्टिक्स सुविधा तथा उन्नत प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित करेगी।
हैदराबाद में ABB बहु-चरणीय प्रयोगशाला और कार्यालय परियोजना पर काम कर रही है। 2026 में पहले चरण के तहत 12 मिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा, जिसमें 12,400 वर्ग मीटर से अधिक के नए कार्यालय और प्रयोगशाला परिसर में संचालन का स्थानांतरण शामिल है। दूसरे चरण में 16,630 वर्ग मीटर भूमि पर एक अत्याधुनिक हाई-पावर प्रयोगशाला स्थापित की जाएगी, जिसमें R&D और इंजीनियरिंग टीमें कार्य करेंगी।
नासिक में ABB 22 मिलियन डॉलर का निवेश कर अपने वर्तमान संयंत्र का विस्तार कर रही है, जहां इनडोर और आउटडोर सर्किट ब्रेकर का उत्पादन किया जाएगा। विस्तारित सुविधा में वैक्यूम इंटरप्टर फैक्ट्री का विस्तार भी शामिल होगा। इसके साथ ही 2028 तक 33kV प्राइमरी गैस इंसुलेटेड स्विचगियर और SF6- मुक्त तकनीकों का स्थानीयकरण किया जाएगा।
ABB वडोदरा स्थित अपने संयंत्र में 6 मिलियन डॉलर का निवेश करेगी। इसका उद्देश्य स्लो-स्पीड सिंक्रोनस जनरेटर निर्माण सुविधा का विस्तार करना और इंडक्शन मोटर उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है। यह निवेश धातु, तेल एवं गैस, सीमेंट और पवन ऊर्जा जैसे प्रमुख उद्योगों की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगा। इसके साथ ही कंपनी अपनी सर्विस वर्कशॉप का विस्तार करेगी और एक प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित करेगी।
2025 में भारत में ABB का राजस्व 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक रहा, जो ABB समूह के कुल राजस्व का लगभग 4 प्रतिशत है। भारत में ABB के 10,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं और कंपनी देश के पांच प्रमुख स्थानों पर लगभग 25 विनिर्माण, वितरण और संचालन सुविधाएं संचालित करती है, साथ ही पांच प्रमुख R&D केंद्र भी हैं।
ABB एक वैश्विक प्रौद्योगिकी अग्रणी कंपनी है जो विद्युतिकरण और ऑटोमेशन के क्षेत्र में कार्य करते हुए अधिक टिकाऊ और संसाधन-कुशल भविष्य को संभव बनाती है। इंजीनियरिंग और डिजिटल तकनीकों के संयोजन के माध्यम से ABB उद्योगों को अधिक कुशल, उत्पादक और टिकाऊ बनने में सहायता करती है। ABB के 140 से अधिक वर्षों का इतिहास है और दुनिया भर में लगभग 110,000 कर्मचारी कार्यरत हैं।