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क्या होता है बिटकॉइन? इसकी शरुआत कैसे हुई? पूरे बैंकिंग सिस्टम को हिला कर रख देने वाले बिटकॉइन के बारे में सब कुछ जानिए

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Ashish Urmaliya | Pratinidhi Manthan

आज इंटरनेट पर कई वेबसाइट्स, काई सारे ऐसे एप्स मौजूद हैं जो बिटकॉइन खरीदते और बेचते हैं. साधारण भाषा में कहें, तो कई ऑनलाइन मार्केट प्लेस से बिटकॉइन खरीदे या बेचे जा सकते हैं.

जब से बिटकॉइन का जन्म हुआ है तब से ही बिटकॉइन की खूब चर्चा हो रही है. शुरुआत में तो ये हालात थे कि चारों तरफ हर किसी के मुंह से बिटकॉइन ही बिटकॉइन सुनाई देता था. कई देशों की सरकारों के विरोध के बाद इसकी बातें बहुत कम हो गई थीं लेकिन अब एक बार फिर से बिटकॉइन की चर्चा ज़ोरों पर है और इसके पीछे का कारण है बिटकॉइन की कीमत। दरअसल, बिटकॉइन की कीमत बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. जानकारी हो कि मौजूदा वक्त में एक बिटकॉइन की कीमत करीब 26 लाख रुपए हो चुकी है लगातार बढ़ती ही जा रही है यही वजह है कि निवेशक इन दिनों बिटकॉइन में भर-भर के निवेश कर रहे हैं.

बिटकॉइन क्या होता है?

Bitcoin एक वर्चुअल करेंसी है, Virtual का हिंदी अर्थ होता है- वास्तविक या आभासी. साधारण शब्दों में कहें तो आपके पास पैसा तो होता है आप इसका जब मर्ज़ी उपयोग भी कर सकते हैं लेकिन इसे हाथ में लेकर गिन नहीं सकते. इसिलए इसे क्रिप्टोकरेंसी भी कहा जाता है. बिटकॉइन का जन्म साल 2009 में हुआ था, सातोशी नाकामोतो नामक व्यक्ति ने इसे बनाया गया था. आज मात्र 11 सालों में जिस बिटकॉइन की कीमत 26 लाख रूपए हो चुकी है उस वक्त यानी 2009 में इसकी कीमत 5-6 रुपए प्रति बिटकॉइन थी. जैसा कि हम बता चुके हैं आम करेंसी की तरह बिटकॉइन को देखा या छुआ नहीं जा सकता लेकिन  इससे ऑनलाइन खरीद-फरोख्त हो सकती है. इससे कोई भी सामान खरीदा जा सकता है, उधारी चुकाई जा सकती है. बिटकॉइन की सबसे बड़ी खासियत तो ये है कि इंटरनेशनल लेवल पर इससे पेमेंट करना फायदेमंद है क्योंकि अभी तक बिटकॉइन पर किसी भी देश या किसी संस्था का रेगुलेशन नहीं है. बिटकॉइन की बढ़ती कीमत के चलते इन दिनों लोग बिटकॉइन में खूब निवेश कर रहे हैं. कह लें, कि इन दिनों बिटकॉइन वर्ल्ड टूर पर निकला है तो कुछ गलत नहीं होगा.

बिटकॉइन को खरीदा या बेचा कैसे जा सकता है?

कई तरह के एप्स, वेबसाइट्स मौजूद हैं जहां पर बिटकॉइन खरीदे या बेचे जा सकते हैं. कई ऑनलाइन मार्किट प्लेस पर बिटकॉइन की खरीद व बिक्री होती है. साधारण भाषा में समझें तो जैसे आप डिजिटल तरीके से, इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग करके किसी को पैसे भेजते हैं ठीक उसी तरह बिटकॉइन का भी लेन-देन किया जा सकता है. इन वेबसाइट्स, एप्स या कह लें ऑनलाइन मार्केट प्लेस पर यूजर को ट्रेडिंग के लिए अपना अकाउंट बनाना होता है. इसी अकाउंट के ज़रिए बिटकॉइन की ट्रेडिंग आसानी से की जा सकती है.

'बिटकॉइन माइनिंग' आपने बहुत सुना होगा, क्या होता है?

दरअसल, बिटकॉइन को कंप्यूटर पर ही गणित के जटिल सवाल हल करके भी हासिल किया जा सकता है. मतलब यूजर को अपने पैसे इन्वेस्ट करने की ज़रुरत नहीं है. गणित के जटिल सवाल हल कर बिटकॉइन पाने के तरीके को बिटकॉइन माइनिंग (Bitcoin mining) कहा जाता है. बिटकॉइन शुरुआत में भी इसी तर्ज पर बनाया गया था. अभी भी दुनियाभर में बहुत से लोग बिटकॉइन माइनिंग कर इस क्रिप्टोकरेंसी को प्राप्त कर रहे हैं और अमीर बन रहे हैं.

बिटकॉइन वॉलेट भी होता है!

Bitcoin एक डिजिटल वॉलेट में स्टोर रहते हैं. यूजर का जो ट्रेडिंग अकॉउंट होता है उसी के भीतर दिखाई हैं. इस डिजिटल वॉलेट को ही बिटकॉइन वॉलेट कहा जाता है. यह डिजिटल या बिटकॉइन वॉलेट यूजर के कंप्यूटर पर या फिर ऑनलाइन क्लाउड पर हो सकता है. यह एक तरह का वर्चुअल बैंक अकाउंट हैं. जिसे एक खास पासवर्ड से ही खोला जा सकता है. अगर किसी यूजर ने इस डिजिटल वॉलेट का पासवर्ड खो दिया या भूल गया तो फिर उसके बिटकॉइन भी खो जाएंगे और फिर कभी वापस नहीं आएंगे.

हाल ही एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति के बिटकॉइन वॉलेट में 7000 बिटकॉइन हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में है. लेकिन वह अपने बिटकॉइन वॉलेट का पासवर्ड भूल गया है. तो अब वह व्यक्ति करोड़पति होते हुए भी ना के बराबर है. एक अध्ययन के मुताबिक कुल बिटकॉइन के 25 फीसदी तो इन्हीं सब कारणों के चलते उपयोगहीन हैं.

बिटकॉइन के खतरों से भी रूबरू हो लीजिए-

Bitcoin की खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमजोरी है. इसकी खासियत ये है कि इसके ऑनलाइन लेनदेन का कोई रिकॉर्ड नहीं होता है. जिसके चलते बिटकॉइन खरीदने या बेचने वाले व्यक्ति को ढूंढ पाना लगभग नामुमकिन है. यही वजह है कि कई देशों में गैरकानूनी कामों जैसे ड्रग्स आदि खरीदने के लिए बिटकॉइन का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है. आशंका है कि बिटकॉइन सुरक्षा के लिए भी खतरा हो सकता है. यही वजह है कि दुनिया के अधिकतर देशों की सरकारें इससे खौफज़द हैं.

पूरा बैंकिंग सिस्टम क्यों है परेशान?

इंटरनेट और तकनीक के बढ़ते प्रचलन के चलते बिटकॉइन के इस्तेमाल में भी खासी बढ़ोत्तरी हुई है. दुनियाभर के निवेशक क्रिप्टोकरेंसी में दबा कर निवेश कर रहे हैं. हालांकि मौजूदा वक्त में बिटकॉइन की तर्ज पर कई अन्य तरह की वर्चुअल करेंसी भी अस्तित्व में आ चुकी हैं. लेकिन बिटकॉइन इन सभी का शहंशाह है. दुनियाभर की कुल क्रिप्टो क्रिप्टोकरेंसी में 69 फीसदी हिस्सेदारी अकेले बिटकॉइन की ही है.

इस करेंसी का नियमन (रेगुलेशन) ना होने के कारण दुनियाभर के बैंक इसे लेकर चिंतित हैं. क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन में किसी भी थर्ड पार्टी जैसे बैंक आदि की जरूरत बिलकुल भी नहीं होती. ऐसे में कर चोरी की आशंका भयंकर रूप से है. दुनिया का कोई भी देश बिटकॉइन को करेंसी के तौर पर मान्यता नहीं दे पा रहा है, ऐसे में बिटकॉइन से किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा पैदा हो सकता है. अब आप समझ लीजिए काले धन का सबसे बड़ा केंद्र स्विस बैंक तक बिटकॉइन से परेशान है.

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